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हाथरस : राजा महेंद्र प्रताप को मिलना चाहिए भारत रत्न : मौर्य

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राजा महेंद्र प्रताप सिंह के 135 वें जयंती महोत्सव में पूर्व राज्यपाल बेबीरानी मौर्य को सम्मानित क? - फोटो : SADABAD
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संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, पत्रकार, लेखक, क्रांतिकारी और आर्यन पेशवा के नाम से प्रसिद्घ राजा महेंद्र प्रताप सिंह का 135 वां जयंती महोत्सव कूपा रोड स्थित उत्सव गार्डन में उत्साह के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम को राजा महेंद्र प्रताप सिंह के प्रपोत्र कुवंर चरत प्रताप सिंह ने आयोजित किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने अन्य विशिष्ट अतिथियों के साथ राजा महेंद्र प्रताप सिंह की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित और माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में राजा साहब को भारत रत्न दिए जाने की मांग पुरजोर तरीके से की गई। पूर्व राज्यपाल और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बेबीरानी मौर्य ने कहा कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह बड़े देशभक्त और दानवीर थे। उन्होने 1915 में छुआछूत का विरोध किया था। हमें ऐसे देश भक्तों को याद रखना चाहिए। राजा महेंद्र प्रताप ने देश की सेवा की। आज हमारा देश बहुत सुरक्षित नहीं है।
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बहुत से देश भारत पर नजर बनाए हुए हैं कि इसे कैसे खत्म किया जाए, लिहाजा हमें महेंद्र प्रताप जैसे महापुरुषों के जीवन से सीख लेते हुए ऐसे कार्य करने होंगे और ऐसे आगे बढ़ना होगा कि इस देश की संस्कृति, अस्मिता, सम्मान और प्राचीन इतिहास बरकरार रहे। उन्होंने कहा कि जो राजा अफगानिस्तान में अंतरिम भारत की सरकार बना सकते हैं तो क्या हम भारत में रहकर भारत की सुरक्षा नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि 1909 में राजा महेंद्र प्रताप ने तकनीकी महाविद्यालय की स्थापना की, वह तभी तकनीकी का महत्व समझ गए थे। बेबी रानी मौर्य ने कहा कि राजा महेंद्र प्रताप को भारत रत्न मिलना चाहिए और इस प्रक्रिया को अभी से शुरू करना होगा। 100 विधायक पत्र लगा चुके हैं तो वह भी अपना एक पत्र लगाएंगी।
उन्होंने कहा कि हर साल इस तरह का कार्यक्रम होने चाहिए। तभी आने वाली पीढ़ी कुछ सीख सकेगी। कार्यक्रम में राजा साहब के जीवन पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। फिल्म के माध्यम से राजा साहब के त्याग और बलिदान को लोगों के बीच रखा गया। कार्यक्रम में सभी अतिथियों का फूलमालाएं पहनाकर और दुपट्टा पहनाकर और पुष्प भेंट कर स्वागत किया गया।
राजा साहब के साथ काम करने वाले कटैला निवासी वीरी सिंह का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा की वरिष्ठ भाजपा युवा मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष और अभिनेत्री सोनाली फोगाट ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में राजा महेंद्र प्रताप का योगदान सराहनीय है। भारत के कोने कोने में राजा महेंद्र प्रताप जैसे महापुरुषों ने क्या क्या किया, इसकी जानकारी आने वाली पीढ़ी को होनी चाहिए।
भाजपा नेता बबिता चौहान व राजा महेंद्र प्रताप सिंह पर पीएचडी करने वाले डॉ. अनूप शर्मा ने भी राजा साहब के जीवन और व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। राष्ट्रीय जाट एकता मंच महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनीता सिंह ने कहा कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह भारत रत्न के वास्तिविक हकदार हैं।
कार्यक्रम संयोजक और राजा साहब के प्रपौत्र चरत प्रताप सिंह ने कहा कि राजा साहब ने देश की आजादी के लिए अफगानिस्तान जाकर अंतरिम सरकार का गठन किया था। इसके वह राष्ट्रपति रहे। देश की आजादी के लिए उन्होंने करीब तीन दशक तक अपनी बीवी, बच्चे, परिवार सब को त्याग दिया था। वह मुरसान के नहीं हाथरस रियासत के राजा थे।
इससे पहले भी हमारे पूर्वजों ने इस रियासत का जिम्मा संभाला था और उन्हें गर्व है कि वह इस परिवार का हिस्सा हैं। राजा साहब को भारत रत्न देना सरकार का निर्णय है, लेकिन राजा साहब भारत रत्न हैं और रहेंगे।
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कार्यक्रम में उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष में बेबी रानी मौर्य, जाट एकता मंच महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनीता सिंह, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष बबिता चौहान, जाट एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरपाल सिंह जाट, बल्लभगढ़ के राजा के पौत्र कुंवर नरवीर सिंह, जगजीत सिंह, शैलेंद्र सिंह, रूपेंद्र उर्फ बंटी चौधरी, अमित चौधरी, प्रीति चौधरी, कप्तान सिंह, चंद्रवीर सिंह, शिवकुमार, विक्रम सिंह, डॉ. अनूप शर्मा, राम हरि चाहर, नवदीप सिंह, भेद प्रकाश सिंह, हरकेश पहलवान, अमित चौधरी, अंकुश गौड़, सुनील गौतम, हेमंत गौतम, फूली पहलवान, सुभाष पहलवान, यमुना चौधरी, रामनारायण वर्मा, गीतम सिंह, डॉ. तरुण शर्मा, संदीप ठाकुर, राधेश्याम पागल, अशोक चौधरी, अनुज चौधरी, दिलीप मित्तल, हंवीर सिंह, हाफिज शब्बीर अहमद, राजकुमार प्रधान, चित्रकार भेद्रप्रकाश सिंह, ओमवीर सिंह प्रधान, राजेंद्र धाकरे, जितेंद्र गौड़ आदि थे।
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