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हाथरस : महिलाओं की करें सुरक्षा, लड़कियों की शिक्षा पर दें ध्यान

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हाथरस : अमर उजाला अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स के तहत आयोजित कार्यक्रम में चुनावी पर चर्चा करतीं मह - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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अगले वर्ष प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में चुनाव के दौरान मुद्दे किसी भी राजनीतिक दल का चुनावी समीकरण बनाने और बिगाड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे। महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर बेबाक राय रखी। अमर उजाला अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स के तहत शहर के स्पाइसी दावत रेस्टोरेंट मेें आयोजित गोष्ठी में महिलाओं ने कई मुद्दे उठाए।
इन महिलाओं ने सुरक्षा, महंगाई, बढ़ते भ्रष्टाचार और बेरोजगारी की समस्या को लेकर सवाल उठाए। कोरोना काल में आम जनमानस को हुई परेशानी के दर्द को बयां किया। जातिवाद, आरक्षण, जनसंख्या, प्राइवेट स्कूलों की मनमानी सहित अन्य मुद्दे भी महिलाओं ने रेखांकित किए।
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अगर चुनावी मुद्दों की बात की जाए तो सबसे पहले महिलाओं की सुरक्षा, महंगाई और आरक्षण प्रमुख हैं। आरक्षण जातिगत न होकर आर्थिक आधार पर होना चाहिए।
- रेनू पचौरी
-महिलाओं की सुरक्षा हो और राजनीति में महिलाओं की भागीदारी हो। आने वाली सरकार महंगाई दूर करने और रोजगार मुहैया कराने पर अपेक्षित ध्यान दे।
-एकता अग्रवाल, अध्यक्ष भारत विकास परिषद वनिता शाखा
कोरोना काल में उद्योग-धंधे बंद होने के बावजूद बिजली बिल फिक्स रेट पर लिए गए, जो गलत है। नौकरी में चयन का आधार प्रतियोगी परीक्षा के अंकों हों, न कि अकादमिक।
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-गार्गी शर्मा
आगामी सरकार में महिलाओं की सुरक्षा और महंगाई पर नियंत्रण सुनिश्चित होना चाहिए। यह दोनों मुद्दे बेहद संवेदनशील हैं। इन पर ठोस काम होना जरूरी है।
-ममता शर्मा, भारत विकास परिषद
आगामी सरकार युवाओं को प्रलोभन देने की बजाय रोजगार की ओर ध्यान दे। महिलाओं की सुरक्षा के लिए अभी और प्रयास होने चाहिए। तभी उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
-मनु भट्ट, अधिवक्ता सिविल कोर्ट
सरकार सबसे पहले शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दे। कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करे। लड़कियों की बेहतर शिक्षा पर और ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए।
- अलका वार्ष्णेय, मातृ मंडल सेवा भारती की सह-संयोजिका
महंगाई कम करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास होने चाहिए। निजी स्कूलों के मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने पर लगाम लगनी चाहिए। तभी आम लोगों को राहत मिलेगी।
- दीप्ति गर्ग
सरकार उच्च वर्ग और निमभन वर्ग के उत्थान के लिए योजना लाती है, लेकिन मध्यम वर्ग को योजनाओं का लाभ नहीं मिलता, इसलिए मध्यम वर्ग पिसता है।
-अनु विमल, मातृ मंडल सेवा भारती की विभाग संयोजिका
-निजी स्कूलों की फीस कम हो। आगामी सरकार महिलाओं की सुरक्षा, महंगाई पर नियंत्रण और रोजगार को सुनिश्चित करे। यह महत्वपूर्ण आवश्यकताएं हैं।
-शशि अग्रवाल
निजी संस्थानों से जुड़ें लोगों को कम वेतन दिए जाने के मुद्दे को उठाया। आगामी सरकार महिला सुरक्षा, रोजगार पर समुचित ध्यान दे।
-निधि शर्मा, सिविल कोर्ट की अधिवक्ता
हम सरकार से रोजगार देने और आरक्षण प्रक्रिया को नये सिरे से लागू करने की मांग करते हैं, इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
-मीनाक्षी शर्मा
आगामी सरकार से मध्यम वर्ग पर अपेक्षित ध्यान देने और महंगाई पर नियंत्रण करने की मांग है। सरकार को इसके लिए ठोस कदम उठाना चाहिए।
-सुधा अग्रवाल, मातृ मंडल सेवा भारती की सदस्य
आगामी सरकार महंगाई और जनसंख्या को नियंत्रित करे। मध्यम वर्ग के बारे में भी सोचे। महंगाई ने मध्यम वर्ग की आर्थिक स्थिति पर करारी चोट की है।
-भारती कौशिक, वीसीएमके स्कूल की प्रिंसिपल
आरक्षण की वजह से मेधावी चयन से वंचित रह जाते हैं। आरक्षण जातिगत आधार पर न होकर आर्थिक आधार पर हो। मध्यम वर्ग समस्याओं से जूझ रहा है।
- सीमा वार्ष्णेय
आगामी सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून लेकर आए। नारी की सुरक्षा व सम्मान को प्राथमिकता दे। लड़कियों की बेहतर शिक्षा के इंतजाम करे।
-अनीता मदनावत
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