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हाथरस : सीमेंट-सरिया के दाम बढ़े, घर बनाना हुआ महंगा

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हाथरस : एक दुकान पर लगा गिट्टी का ढेर। संवाद - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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यूक्रेन में युद्ध का असर अब निर्माण सामग्री पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। सरिया, सीमेंट, डस्ट, बदरफुट आदि के दामों में एकाएक उछाल आया है। सरिया में करीब 12 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हो गई है, जबकि सीमेंट के दाम भी 25 रुपये प्रति बोरी बढ़ गए हैं। इस कारण अब घर बनाने वालों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। इसकी मुख्य वजह यूक्रेन में हो रही जंग को माना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि शहर में दो दर्जन के करीब भवन निर्माण सामग्री की दुकानें हैं। कारोबारियों का कहना है कि यकायक कंपनियों द्वारा माल की कीमतों में वृद्धि कर दी गई है। इसकी वजह निर्माण सामग्री के कच्चे माल के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता होनी मानी जा रही है। सीमेंट की बोरी पहले 355 रुपये से लेकर 365 रुपये तक अलग-अलग ब्रांड में थी। अब 25 रुपये बढ़ने के साथ सीमेंट का बोरा 390 रुपये का हो गया है। सरिया के दाम पहले 58 रुपये प्रति किलो थे। अब सरिया के दाम 73 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं। बदरपुर के दाम 60 रुपये प्रति फुट तक पहुंच गए हैं। डस्ट की गाड़ी पर 900 रुपये प्रति टन की वृद्धि हुई है। इसी तरह गिट्टी के दामों में भी इजाफा हुआ है। इस कारण आमजन के लिए घर बनाना अब और महंगा हो जाएगा।
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सीमेंट अलग-अलग ब्रांड में 355 से 365 रुपये तक बिक रहा था। अब प्रति बैग पर 25 रुपये की बढ़ोतरी कंपनी ने कर दी है। पेट्रोल और डीजल महंगा होने के कारण रेट में यह वृद्धि की गई है।
-मूलचंद्र, सीमेंट कारोबारी
सरिया के रेट पिछले महीने 58 रुपये प्रति किलो थे। इस माह इसके दामों में 12 से 13 रुपये की वृद्धि हुई है। सरिया तैयार करने के लिए कच्चा माल बाहर से आता है। यूक्रेन में चल रहे युद्ध का असर इसके दामों पर पड़ा है।
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-रजत अग्रवाल, लोहा कारोबारी
पिछले दिनों बारिश से नुकसान हुआ है। यूक्रेन में हो रहे युद्ध से भी बाजार में उथल-पुथल का माहौल है। ईंट के दामों में वृद्धि को लेकर एसोसिएशन विचार-विमर्श कर रही है।
-अमरीश माहेश्वरी, ईंट भट्ठा कारोबारी
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