न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)
गांव ऊतरा के जंगलों में मिले नर कंकाल का रहस्य पुलिस एक पखवाड़े बाद भी नहीं सुलझा पाई है। हालांकि पुलिस डीएनए टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई करना चाहती है। मृतक के भाई विवेक का कहना है कि नर कंकाल के पास मिले कपडे़ और चप्पलों के आधार पर यह बात तो स्पष्ट हो गई है कि यह कपडे़ और चप्पल उसके 44 वर्षीय भाई दिनेश पुत्र बनवारी के ही हैं।
दरअसल, गांव ऊतरा निवासी 44 वर्षीय दिनेश पुत्र बनवारी घर से 17 जून को बेटी की शादी के लिए बर्तन लेने के लिए घर से गया था, लेकिन घर वापस नहीं पहुंचा तो परिजनों को चिंता सताने लगी। सगे संबंधियों के यहां तलाश किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी थी। परेशान होकर पीड़ित परिजनों ने 25 जून को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। पांच जुलाई को अचानक खेत की जुताई के दौरान नर कंकाल मिला था।
ग्रामीण एवं पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। नर कंकाल के पास से मिले कपडे़ एवं चप्पलों के आधार पर परिजनों ने नर कंकाल की पहचान 44 वर्षीय दिनेश के रूप में की थी। हालांकि पुलिस ने पोस्टमार्टम भी कराया था, लेकिन सही जानकारी के लिए पुलिस डीएनए टेस्ट कराना चाहती है, लेकिन हैरत की बात यह है कि हत्या जैसे संगीन मामले में एक पखवाड़े के बाद भी पुलिस आज तक डीएनए टेस्ट नहीं करा सकी है।