न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सोना के हॉल मार्किंग सिस्टम से सराफा कारोबारी असंतुष्ट हैं। इसके लिए अंदर ही अंदर अब विरोध के स्वर फूटने लगे हैं। वहीं, शहर के सराफा कारोबारियों में इस बात को लेकर चर्चाएं हैं कि अब पुराने सोना को चेक किया जाएगा, चेक करने के बाद उसमें जितना प्रतिशत सोना होगा उसी हिसाब से भुगतान किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि अगस्त माह में सरकार ने हॉल मार्किंग को लागू कर दिया। इससे सराफा कारोबारियों में काफी नाराजगी है। इसे लेकर सराफा एसोसिएशन की बैठक भी हुई थी। दिल्ली की एक कंपनी के पदाधिकारियों से हॉल मार्किंग को लेकर वार्ता भी हुई। उसके बाद सरकार ने अगस्त माह के अंत तक पुराने स्टॉक पर हॉल मार्किंग कराने के लिए राहत दी थी।
अब सितंबर की शुरुआत होने से हॉल मार्किंग जरूरी हो गया है। जिन लोगों के पास पुराना सोना है वह यदि उसको बेचना चाहते हैं तो उसको पहले सराफा कारोबारी उसको चेक करेंगे। उसके बाद जितना सोना होगा उस हिसाब से बेचने पर राशि प्रदान करेंगे। साथ ही सराफा कारोबारी हॉल मार्किंग का विरोध करने की तैयारी कर रहे हैं।
- यदि कोई व्यक्ति सोना बेचने आता है। पहले उसको टंच से चेक कराया जाएगा। उसके बाद जितना सोना होगा उस हिसाब से उसे भुगतान किया जाएगा। हॉल मार्किंग के नियम कड़े हैं। इसका एसोसिएशन विरोध करेगी। नियमों को सरल बनाने की सरकार से मांग करेगी। - मोहन लाल, सराफा एसोसिएशन अध्यक्ष।
- जो व्यक्ति सोना बेचने आएगा उसे चेक करके लेंगे। उसको छनवा कर लिया जाएगा। जितना सोना आएगा उसके उतने पैसे मिल जाएंगे। सोने छानने में रियल क्वालिटी सामने आएगी। इस समय हॉल मार्किंग का सोना लोग खरीद रहे हैं। - सुधीर जैन सर्राफा करोबारी।