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हाथरस : वायरल बुखार और डेंगू से हाहाकार, मरीजों का आंकड़ा 500 के पार

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हाथरस : बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की कतार। संवाद - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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जिला अस्पताल में मंगलवार को वाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) खुली तो मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार के थे। सरकारी और निजी अस्पतालों में भी बुखार के मरीजों की भरमार है। इनके अलावा बड़ी संख्या में मरीज अप्रशिक्षितों के यहां भी अपना उपचार करा रहे हैं। जिले में अब तक डेंगू के 37 मरीज मिल चुके हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना वायरल बुखार के 500 से 600 मरीज आ रहे हैं। यही वजह है कि वायरल बुखार और डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्कता बरत रहा है।
जिले में बुखार का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा और मरीज लगातार सरकारी और निजी अस्पताल में काफी मरीज आ रहे हैं। मंगलवार को शहरी और ग्रामीण इलाकों में सर्विलांस टीम के सदस्यों ने न केवल लोगों को बचाव के उपाय बताए, बल्कि अभियान के दौरान जिन जगहों पर डेंगू का लार्वा मिला, उसे नष्ट भी कराया।
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इधर, सीएमओ ने सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों के चिकित्सकों को भी मरीजों को जागरूक करने के साथ बेहतर इलाज करने को कहा। जिला अस्पताल में भी हर दिन की ओपीड़ी में 1800 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें 500 से 600 मरीज वायरल बुखार, सर्दी और जुकाम आदि के आ रहे हैं। इन्हें उपचार दिया जा रहा है और बुखार के रोगियों की डेंगू व मलेरिया की जांच कराई जा रही है। संवाद
लगातार दौड़ रहीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें
मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि एडिशनल सीएमओ से लेकर डिप्टी सीएमओ स्तर के अधिकारियों को निगरानी के लिए लगाया गया है। अस्पतालों में बनी फीवर हेल्प डेस्क के माध्यम से भी जागरूक किया जा रहा है। वायरल बुखार और डेंगू के कारण और इनसे बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं। जांच की सुविधाएं बढ़ाने के साथ ही अस्पतालों में अतिरिक्त बेड भी बढ़ाए गए हैं। सूचना मिलने पर टीमों के गांव-गांव जाकर कार्य कर रही हैं।
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ऐसे करें बचाव
- तरल पदार्थों का सेवन करें, जिससे पानी की कमी न हो।
- मौसमी फल, सब्जियों का सेवन करना चाहिए।
- घर के आसपास नियमित साफ-सफाई की जरूरत है।
प्लेटलेट्स कम होने को लेकर भयभीत नहीं होना चाहिए, क्योंकि प्लेटलेट्स कम होने का मतलब डेंगू होना ही नहीं होता। वायरल बुखार के मामलों में भी ऐसा देखने को मिल रहा है। तीन दिन तक बुखार आने के बाद तुरंत अस्पताल जाकर जांच करानी चाहिए। झोलाछाप के इलाज से बचना चाहिए। बुखार आने पर प्रशिक्षित डॉक्टर या फिर सरकारी अस्पताल से ही दवा लेनी चाहिए।
-डॉ. सूर्य प्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल
मरीजों का दर्द
सर्दी के कारण सीने में दर्द हो रहा है। उसी की दवा लेने आई हूं। अस्पताल में काफी भीड़ है, लाइन में काफी देर से लगे हुए हैं।
-माया
कई दिनों से बुखार आ रहा है, उसी की दवा लेने आई हूं। यहां पर पहले पर्चा काउंटर की लाइन में काफी देर तक इंतजार करना पड़ा है।
-शंकरलाल
वायरल बुखार का प्रकोप है। पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर भी लगाया गया था, लेकिन उस दवा से कोई फायदा नहीं हुआ तो अब यहां से दवा लेने आए हैं।
-छोटेलाल
जिला अस्पताल में यह सोचकर आए थे कि यहां पर दवा जल्दी मिल जाएगी, लेकिन यहां तो इतनी भीड़ हैं कि लाइन में लगे हुए काफी देर हो गई।
-रामहरी
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