न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना काल के चलते कई महीनों से जिले के कस्तूरबा गांधी विद्यालय भी बंद चल रहे हैं। जबकि इन विद्यालयों में तैनात शिक्षिकाओं को अपनी लोकेशन दर्शाते हुए ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करानी होती है। ऐसे में जहां पर भी शिक्षिकाएं रहीं, वहीं से उन्होंने अपनी उपस्थिति भी पोर्टल पर दर्ज करा दी। जिससे उनकी लोकेशन खराब हो गई है। अब इसे लेकर बीएसए ने नोटिस जारी कर इन शिक्षिकाओं से जवाब मांगा है।
जिले के हाथरस, हसायन, सादाबाद, सिकंदराराऊ, मुरसान और सहपऊ में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में गरीब व अनाथ बालिकाओं को कक्षा छह से आठ तक की शिक्षा नि:शुल्क प्रदान की जाती है। विद्यालयों को संचालित करने की जिम्मेदारी वार्डन के कंधों पर है। विद्यालयों में पूर्ण कालीन शिक्षिकाओं को भी वहीं रहकर बालिकाओं को शिक्षा देनी होती है। प्रेरणा पोर्टल के जरिए अपनी लोकेशन व उपस्थिति शिक्षिकाओं को देनी होती है।
इसके लिए कुछ माह पूर्व राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षण के द्वारा निर्देश दिए गए थे, लेकिन अधिकांश कस्तूरबा विद्यालयों में तैनात शिक्षिकाओं द्वारा नियमित पोर्टल पर उपस्थिति नहीं दी जा रही। बीएसए ने जब पोर्टल को देखा तो पता चला कि विद्यालय स्टाफ द्वारा विभिन्न लोकेशन से अपनी-अपनी उपस्थिति दी गई है। जिससे साफ होता कि विद्यालय स्टाफ उपस्थित नहीं होता। बीएसए शाहीन ने अब सभी छह विद्यालयों की वार्डनों को कारण बताओ नोटिस जारी करके सात दिन के अंदर जवाब मांगा है।