हाथरस : दंडौती परिक्रमा लगाते भक्त। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
चैत्र नवरात्र के आठवें दिन देवी महागौरी की पूजा की गई। कई घरों में परंपरा के अनुसार सुबह पूजा-अर्चना के बाद कन्या-लांगुरा जिमाए गए। मंदिरों में भोर की पहली किरण से लेकर दोपहर तक देवी के जलाभिषेक और भोग लगाने के लिए भक्तों की जबर्दस्त भीड़ रही। धक्का-मुक्की और मारामारी के हालात रहे। मंदिरों पर भी कन्या-लांगुराओं को चना-हलुवा का प्रसाद वितरित किया गया। शाम से दंडौती परिक्रमा का सिलसिला शुरू हुआ। पूरी रात शहर की सड़कों पर परिक्रमार्थियों की भीड़ नजर आई। भजन-कीर्तन के बीच देवी की झांकियां निकाली गईं। परिक्रमार्थियों की सेवा-सुश्रुसा के लिए शिविर लगाकर चाय-नाश्ता, दूध, शीतल पेय और खान-पान की अन्य वस्तुओं का वितरण किया गया।
भक्तों ने नजदीकी मंदिरों से दंडौती परिक्रमा शुरू की। बौहरे वाली मंदिर पर पहुंचकर परिक्रमा को विश्राम दिया गया। परिक्रमा के चलते बौहरे वाली देवी मंदिर को जाने वाले मुरसान गेट और मथुरा रोड के रास्तों पर श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। पूरा वातावरण जोर से बोलो जय माता दी, सारे बोलो जय माता दी, जयकारा शेरा वाली दा-बोल सांचे दरबार की जय, जैसे जयकारों से गूंजता रहा। सुबह तक परिक्रमा का सिलसिला चलता रहा।
महागौरी की स्तुति के लिए शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में भोर की पहली किरण से ही भक्तों की भीड़ नजर आने लगी। मंदिरों में माता के भक्तों की कतारें लग गईं। शहर के पथवारी मंदिर, चामड़ माता मंदिर, प्राचीन बौहरे वाली देवी मंदिर, चामुंडा देवी मंदिर, शीतला माता मंदिर, शांता माता मंदिर, हाथुरसी देवी मंदिर आदि देवालयों पर जलाभिषेक के लिए के बीच होड़ लगी थी। सुबह से ही माता के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी। शाम को भजन-कीर्तन का दौर शुरू हुआ। इसके बाद प्रसाद वितरित किया गया। शाम होते ही मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी में सराबोर नजर आए। मंदिरों में देवी महिमा से ओत-प्रोत भक्ति गीत गूंज रहे थे। काफी भक्त अष्टमी पूजन के साथ नवरात्र की पूजा को विराम देते हैं, इसलिए उनके घरों में कन्या-लांगुरा जिमाए गए। कन्या-लांगुरा स्वरूप बच्चों को सामर्थ्यानुसार दक्षिणा और उपहार दिए गए। संवाद