हाथरस। कई महीनों से घाटे से जूझ रहा परिवहन निगम अब डीजल पर हर महीने हजारों रुपये बचाएगा। अब रोडवेज बसों में निजी पंपों से डीजल लेने की कोशिश चल रही है। अधिकारी पंप संचालकों से लगातार संपर्क कर रहे हैं। बाहर से डीजल लेने पर डिपो अधिकारियों को लगभग पांच रुपये लीटर का फायदा होगा।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में वर्तमान में 77 बसें हैं। इनमें हर रोज करीब पांच हजार लीटर डीजल की खपत होती है। वर्तमान में बसों के चुनाव में जाने के कारण हर रोज विभिन्न रूटों पर दो हजार लीटर डीजल की खपत हो रही है। अब तक आईओसी से हाथरस डिपो द्वारा डीजल लिया जा रहा था। आईओसी कामर्शियल रेट पर डिपो को डीजल दे रहा है। बाहरी पंपों पर डिपो को डीजल सस्ता मिल रहा है। इस कारण आईओसी से हाथरस सहित प्रदेशभर में डीजल लेना बंद कर दिया गया है। संवाद
पांच रुपये लीटर का आ रहा अंतर
हाथरस। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) द्वारा इन दिनों हाथरस डिपो को 91 रुपये कुछ पैसे डीजल दिया जा रहा है। बाहरी पंपों 85 रुपये कुछ पैसे लीटर के हिसाब से डीजल मिल रहा है। कुल मिलाकर इससे डिपो को हर रोज हजारों रुपये का फायदा होगा। यह प्रक्रिया हाथरस सहित पूरे प्रदेश में की जा रही है। प्रदेश में वर्तमान में 108 डिपो है। कुल मिलाकर परिवहन निगम को करोड़ों रुपये का फायदा होगा। संवाद
संचालकों से अधिकारी कर रहे संपर्क
हाथरस डिपो की कार्यशाला में बने डीजल के टैंक को बंद कर दिया गया है। अधिकारियों द्वारा पंप संचालकों से संपर्क किया जा रहा है। पंप संचालक डिपो को डीजल लेने पर छूट से अलग दे रहे हैं। अधिकारी यह देख रहे हैं कि किस पंप से कितना फायदा डिपो को हो सकता है। पंप संचालक कार्यशाला में अपने वाहनों से डीजल पहुंचाने तक की बात कह रहे हैं। संवाद
अब तक आईओसी से डीजल लिया जा रहा था। रेट को लेकर बाहर से डीजल लेने का फैसला लिया गया है। पूरे प्रदेश में इस प्रक्रिया के तहत डीजल लिया जा रहा है।
-मोहम्मद परवेज, क्षेत्रीय प्रबंधक