संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
जिले में 15 नवंबर से शुरू हुए राष्ट्रीय नवजात शिशु देखभाल सप्ताह के दौरान विविध कार्यक्रम हो रहे हैं। इस दौरान आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बच्चों की देखभाल के तरीके बता रही हैं। वहीं माताओं को जागरूक करने के साथ नवजात शिशुओं में जन्मजात दोषों की पहचान कर उन्हें चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही हैं। इस दौरान धात्री महिलाओं को स्तनपान के लाभ के बारे में खास तरीके से बताया जा रहा है।
डीसीपीएम धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जनपद स्तरीय टीम द्वारा एसएनसीयू, एनबीएसयू एवं प्रसव कक्ष की गुणवत्ता सलाह के लिए दौरा किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट राज्य स्तर पर प्रेषित की जाएगी। एसएनसीयू, एनबीएसयू एवं प्रसव कक्ष की गुणवत्ता सलाह के लिए जिले में कार्यरत सहयोगी संस्था यूनिसेफ, यूपीटीएसयू अथवा एनआई के प्रतिनिधियों को सम्मिलित किया जाएगा।
सप्ताह के दौरान एसएनसीयू से डिस्चार्ज हुए नवजात शिशुओं का फालोअप डीईआईसी, जिला चिकित्सालय तथा समुदाय स्तर पर किया जाएगा। प्रसव इकाइयों पर गर्भवती महिलाओं का फालोअप चिकित्सा अधिकारी द्वारा किया जाएगा। प्रसव इकाइयों पर जन्मे समस्त नवजात शिशुओं में जन्मजात दोषों की पहचान के लिए स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। जन्मजात दोषों से ग्रसित शिशुओं को संबंधित इकाइयों पर रेफर किया जाएगा।
- जिले में राष्ट्रीय नवजात शिशु देखभाल सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान शिशु देखभाल से जुड़ी जानकारी व सुविधाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्तनपान के लाभ के बारे में भी माताओं को जानकारी दी जा रही है। - सीएम चतुर्वेदी, सीएमओ हाथरस