न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी/हाथरस।
जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। सासनी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर शुक्रवार को यही नजारा देखने को मिला। अस्पताल परिसर में गंदगी व्याप्त थी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की अस्पताल में तैनात नहीं हैं। अस्पताल में एक्स-रे की सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीजों को एक्स-रे के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। इस सीएचसी पर भीषण गर्मी में मरीजों के लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। यहां इंडिया मार्क टू नल खराब पड़े हैं। चिकित्सक, दवा और पानी के अभाव में मरीज व उनके तीमारदार बेहद परेशान दिखे। सीएचसी पर पहुंचे कुछ परेशान लोगों ने अमर उजाला से अपना दर्द साझा किया।
केस 01
आखिर कब लगेगी एआरवी, कोई कुछ बताता ही नहीं
कस्बा के गोपाल नगर निवासी अखिलेश शर्मा को पिछले दिनों कुत्ते ने काट लिया। शुक्रवार को वह घंटों सीएचसी पर खड़े रहे लेकिन उन्हें लगवाने के लिए सीएचसी पर खड़े थे लेकिन किसी ने उन्हें यह बातकर नहीं दिया कि यहां एआरवी है भी या नहीं। अखिलेश का कहना था कि स्टाफ का व्यवहार भी गलत है और कोई सही तरीके से जवाब ही नहीं दे रहा।
केस 02
जन्म प्रमाणपत्र के नाम पर मांगा जा रहा सुविधा शुल्क
सासनी कस्बे के मोहल्ला बिजलीघर निवासी सचिन की पत्नी का प्रसव इसी सीएचसी पर हुआ था। सचिन अपने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र सीएचसी पर बनवाने के लिए आए थे। उनसे सुविधा शुल्क की मांग की गई। सचिन कई दिन से चक्कर लगा रहे थे, लेकिन बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र नही बना। सचिन का यही कहना था कि यहां व्यवस्था ठीक नहीं है। जन्म प्रमाणपत्र के नाम पर सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है।
केस नंबर 03
देर से खड़ा हूं, न उपचार मिला और न दवा
अस्पताल में नवाब सिंह निवासी नगला सिंह इस बात से परेशान दिखे कि कई घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद भी उन्हें उपचार नहीं मिला। उनका कहना था कि भीड़ ज्यादा है, लेकिन चिकित्सकों की कमी है। नवाब सिंह बिना उपचार कराए वापस लौट गए। उनका यह भी कहना था कि उनसे पहले कई मरीज लौट गए हैं।
सीएचसी पर पर्याप्त स्टाफ है। मरीजों को पूरा इलाज मिलता है और दवाएं भी हैं। जो हैंडपंप खराब पड़े हैं, उन्हें जल्द ठीक कराया जाएगा। उपलब्ध संसाधनों में ही हम मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने का प्रयास कर रहे हैं।
-डॉ. एसपी सिंह, प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सासनी।