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हाथरस : एसडीएम-तहसीलदार से नोकझोंक के बाद धरने पर बैठे वकील

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तहसीलदार-एसडीएम से विवाद के बाद धरने पर बैठे वकील। संवाद - फोटो : SIKANDHRA RAHU
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संवाद न्यूज एजेंसी, सिकंदराराऊ।
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तारीख लेने को लेकर हुए विवाद के चलते तहसीलदार और अधिवक्ता के बीच हुई कहासुनी का मामला बुधवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) तक पहुंच गया। एसडीएम के पास पहुंचने के बाद दोनों पक्षों में जमकर नोकझोंक हुई। सिविल बार के काफी अधिवक्ता मौके पर पहुंच गए।
एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना पर सीओ सुरेंद्र सिंह, कोतवाल अशोक कुमार सिंह पुलिस और पीएसी के साथ मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित अधिवक्ता एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। खबर लिखने तक उनका धरना जारी था।
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तहसीलदार सुशील कुमार ने बताया कि एक मुकदमे के मामले में मंगलवार को अधिवक्ता जयप्रकाश गुप्ता आए थे। उन्होंने दो दिन बाद की तारीख लगा दी। गुप्ता ने कहा कि वह तो वादी के अधिवक्ता के बीमार होने के कारण आए हैं, इसलिए आगे की तारीख दे दो।
तहसीलदार का कहना है कि उन्होंने मना किया तो अधिवक्ता ने उनसे अभद्र व्यवहार किया। एसडीएम अंकुर गुप्ता ने बताया कि उन्होंने बात करने के लिए अधिवक्ता को अपने चेंबर में बुलाया था। वहां भी गुप्ता ने अभद्र व्यवहार कर करना शुरू कर दिया।
इधर, जय प्रकाश गुप्ता का कहना है कि मुख्य वकील के बीमार होने के कारण उन्होंने अगली तारीख ज्यादा दिन की मांगी। तहसीलदार ने अभद्रता करते हुए बात नहीं मानी। जब वह एसडीएम के बुलाने पर उनके चेंबर में गए तो उनसे अभद्रता शुरू कर दी गई।
गुप्ता से एसडीएम की नोकझोंक के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता एसडीएम के चेंबर के बाहर एकत्रित हो गए। अधिकारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। सीओ सुरेंद्र सिंह पीएसी और पुलिस बल को लेकर तत्काल तहसील पर पहुंच गए।
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एसडीएम अंकुर वर्मा ने कहा कि हर समस्या के साथ वकील वकालतनामा लगाकर लेकर आते हैं। इससे पीड़ित पर नाजायज खर्चा पड़ता है। उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया और सीधे फरियादी को भेजने के लिए कहा। इसी बात पर वकील नाराज हो गए। दूसरी तरफ वकीलों का कहना है कि एसडीएम का व्यवहार मानवोचित नहीं हैं।
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