कस्बा स्थित सुनहरीलाल आजाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्टाफ और चिकित्सकीय उपकरणों की कमी से जूझ रहा है। सीएचसी पर तैनात महिला चिकित्सक के नहीं आने से महिला मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
सीएचसी पर तैनात आयुष महिला चिकित्सक रुचि कमल ही महिला रोगियों को परामर्श देती हैं। अधिकांश महिला मरीजों को सीएचसी से रेफर कर दिया जाता है। सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड, एक्स रे आदि उपकरण नहीं हैं। प्रयोगशाला में कोई भी तकनीशियन भी नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मानिकपुर में तैनात प्रयोगशाला तकनीशियन (एलटी) को बुुलाकर मरीजों के खून की जांच कराई जाती है।
सीएचसी पर आने वाले मरीजों का कहना है कि यहां हर रोग की एक जैसी ही दवा दी जाती है। इन दवाओं से उनको कोई लाभ नहीं मिलता। थक हारकर उनको निजी अस्पताल या झोलाछाप चिकित्सक के यहां जाना पड़ता है। सीएचसी पर अभी तक केवल प्रसव के मामलों को छोड़कर कोई भी मरीज भर्ती नहीं किया जाता। यदि किसी मरीज की हालत खराब होती है तो उसे रेफर कर चिकित्सक अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेते हैं। संवाद
सीएचसी पर सभी रोगों की एक जैसी ही दवा दी जाती है। उससे मरीजों को कोई फायदा नहीं पहुंचता, इसके साथ ही एक्सरे आदि के कराने के लिए सादाबाद अथवा हाथरस भेज दिया जाता है।
- राहुल पाठक, सहपऊ
इस सीएचसी पर जब कभी वह शुगर की जांच के लिए गया तो लैब में किट उपलब्ध नहीं होने का जवाब मिलता है, जबकि डॉक्टर सीएचसी पर बनाई पर्ची पर शुगर की जांच के लिए लिख देते हैं।
- दामोदर सिंह, नगला बिहारी
सीएचसी पर कुछ दवाएं नहीं मिलतीं। इसके लिए उन्हें बाहर जाना पड़ता है। विशेषतौर यहां महिला चिकित्सक नहीं मिलती हैं। आयुष महिला चिकित्सक ही महिला मरीजों को देखती हैं।
- हरीश, कोंकना कलां
सीएचसी पर स्टाफ और चिकित्सा उपकरणों की कमी तो है, लेकिन मेरा उद्देश्य है कि सीएचसी पर आने वाले सभी मरीजों को अच्छी दवा एवं सुविधा उपलब्ध कराई जाए। विभाग से जितनी और जो दवाएं हमें उपलब्ध कराई जाती हैं, वह सभी मरीजों को उनके रोगों के अनुसार दी जाती हैं।
-डॉ. आरके वर्मा, सीएचसी प्रभारी