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आज ब्रज की द्वार देहरी पर मनाया जाएगा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व

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हाथरस : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए बाजार में खरीदारी करतीं महिलाएं। संवाद - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा। श्रद्धालु पर्व की तैयारियाें में जुटे हैं। बृहस्पतिवार को त्योहार के लिए बाजारों में जमकर खरीदारी की गई। भक्तों ने ठाकुर जी की पोशाक के साथ सिंहासन, झूले और पालनों की खरीदारी की। उपवास के लिए कूटू और सिंघाड़े के आटे, साबूदाना और खाने-पीने की अन्य वस्तुओं की खरीदारी की। देर रात तक बाजारों में त्योहार की खरीदारी के लिए भीड़ रही।
इस बार कृतिका नक्षत्र के अलावा रोहणी नक्षत्र भी रहेगा। दुकानदारों ने भी राजकोट, नाथद्वारा और मथुरा-वृंदावन से पोशाक, सिंहासन आदि सामान मंगाया है। यह ग्राहकों को काफी पसंद आ रहा है। मंदिरों में भी पर्व को लेकर तैयारियां चल रही हैं। शुक्रवार को कई स्थानों पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन भी होगा। संवाद
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400 साल बाद बन रहा महासंयोग
आचार्य बल्लभ जी महाराज ने बताया कि इस बार जन्माष्टमी का पर्व 19 को मनाया जाएगा। इस दिन तिथि वार, नक्षत्र से ग्रहों को मिलाकर आठ शुभ संयोग बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा 400 साल बाद हो रहा है। 19 अगस्त को महालक्ष्मी, बुधादित्य, ध्रुव और छत्र नाम के शुभ संयोग रहेंगे। साथ ही कुलदीपक, भारती, हर्ष, और सत्कीर्ति नाम के राजयोग बन रहा है। उन्होंने बताया कि इस तरह जन्माष्टमी पर आठ योगों का महासंयोग करीब 400 साल में नहीं बना है। इन योग में पूजा करने से पुण्य फल और बढ़ जाएगा। खरीदारी के लिए भी शुभ दिन है। सुबह नौ बजे से साढ़े 10 बजे तक, दोपहर को 12 बजे से ढाई बजे तक। शाम को साढ़े पांच बजे से साढ़े सात बजे तक खरीदारी करना शुभ होगा।
सूर्योदय से पहले गंगाजल मिलाकर करें स्नान
आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी का कहना है कि 19 अगस्त को कृत्तिका नक्षत्र देर रात एक बजकर 53 मिनट तक रहेगा। इसके बाद रोहिणी नक्षत्र शुरू होगा, इसलिए इस बार जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र का संयोग भी नहीं रहेगा, इसलिए 19 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। जन्माष्टमी पर कृतिका नक्षत्र के चलते सूर्य, सिंह और चंद्रमा, मेष राशि में रहेगा। इस योग में किए गए कार्यों का परिणाम शुभ होगा। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी पर सूर्योदय से पहले उठकर पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। तुलसी के पौधे में जल दें। परिक्रमा करें। भगवान का अभिषेक करें। माखन-मिश्री का प्रसाद चढ़ाएं। गोशाला में घास या अनाज का दान करें। जरूरतमंदों को खाना खिलाएं। कपड़े का दान करें। उन्होंने बताया कि इस बार 5294 वां जन्मोत्सव है।
राजकोट के सिंहासन में झूलेंगे भगवान
शहर में दुकानों पर इन बार राजकोट से सिंहासन, नाथद्वारा से फूलबंगला, पगड़ी, सूरत से जरी जनकीन की पोशाक आई हैं। यह श्रद्धालुओं को खासी पसंद आ रही हैं। इस बार जन्माष्टमी पर्व पर कोरोना नहीं है। इस कारण उत्साह के साथ बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। बृहस्पतिवार को लोगों ने पूजा-अर्चना, उपवास के सामान की खूब खरीदारी की। इससे बाजारों में खासी चहल-पहल रही। कई स्थानों पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता भी होंगी।
काफी लोग जाएंगे मथुरा, वृंदावन को
हाथरस को शास्त्रों के अनुसार बृज की देहरी कहा जाता है, इसलिए जन्मोत्सव में शामिल होने के काफी संख्या में जिले से श्रद्धालु मथुरा और वृंदावन जाएंगे। इस कारण ट्रेनों व बसों में भी भीड़ रहेगी। मथुरा जाने वाली ट्रेनों में सुरक्षा के लिए जीआरपी और आरपीएफ ने गश्त तेज कर दी है।
इस बार ठाकुरजी के लिए राजकोट से सिंहासन मंगाए गए हैं। झूला, कन्नौज का इत्र, बंशी, तिलक, कलंगी सहित कई सामान की इस बार काफी मांग है। इस बार कोरोना न होने के कारण श्रद्धालु खूब खरीदारी कर रहे हैं। सबसे ज्यादा फूल बंगला बिक रहा है।
- राजेंद्र कुमार, दुकानदार
इस बार कोरोना नहीं है, इसलिए ठाकुर जी का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जाएगा। इस बार बाजार में पोशाक, सिंहासन काफी अच्छे आए हैं। मुकुट, माला और पोशाक आदि पूजा का सामान लेने के लिए आए हैं, ताकि ठाकुर जी का अच्छा शृंगार कर सकें।
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-शिवानी अग्रवाल, ग्राहक
ठाकुरजी के जन्मोत्सव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ठाकर जी का मोरपंख लगाकर भव्य शृंगार किया जाएगा। झूले में झुलाया जाएगा। हाथरस बृज की देहरी है, इसलिए उत्साह और बढ़ जाता है। ठाकुरजी से सुख समृद्धि की कामना की जाएगी।
-सुभद्रा, ग्राहक
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