न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में पंचायतराज विभाग की ओर से तैनात सफाई कर्मी इन-दिनों अफसरों की सेवा में लगे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर, ग्राम पंचायतों में ग्रामीण सफाई कर्मियों के आने का इंतजार कर रहे हैं। पंचायतराज विभाग में तैनात करीब चार दर्जन से अधिक सफाईकर्मी जिले में अधिकारियों के घरों व कार्यालयों में ड्यूटी कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर रहे हैं। राजस्व ग्रामों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। विभागीय अधिकारी भी इस ओर से मौन साधकर बैठे हैं।
जिले के ग्रामीण इलाकों में सफाई व्यवस्था रामभरोसे है। शासन की ओर से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ग्रामों को स्वच्छ बनाए जाने के लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में इन प्रयासों को पंचायतराज विभाग के अफसरों द्वारा पलीता लगाया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में सफाई व्यवस्था के लिए 667 सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके सापेक्ष यहां जिले में 643 राजस्व ग्राम हैं।
इन राजस्व ग्रामों में से कुछ गांव शून्य आबादी घोषित हैं। हैैरानी की बात यह है कि सफाईकर्मी गांवों में सफाई कार्य के लिए न पहुंचकर विभागीय कार्यालय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर के माध्यम से खुद को अफसरों के यहां संबद्ध करा लेते हैं। इस कारण इन सफाई कर्मियों में गांव में जाकर सफाई कार्य नहीं करना पड़ता है। पंचायतराज विभाग के चार दर्जन से अधिक सफाई कर्मी वर्तमान में अफसरों की जी हजूरी कर रहे हैं। संवाद
अफसरों के घर बना रहे भोजन या चला रहे गाड़ी
हाथरस। पंचायतराज विभाग में तैनात कुछ सफाई कर्मी तो अफसरों के घरों में भोजन तक बना रहे हैं। हाल ही कुछ दिनों पहले एक सफाईकर्मी ने तो जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) के सामने खाना न बनाने को लेकर अपना दुखड़ा रोया था। इसके बाद उस अफसर की नाराजगी का सामना भी डीपीआरओ को करना पड़ा था। दूसरी ओर कई सफाईकर्मी अफसरों की गाड़ी चलाकर रुतबा बनाए हुए हैं। संवाद
कई कार्यालयों में विभागाध्यक्षों ने सफाई कर्मियों को संबद्ध करा रखा है। कुछ सफाई कर्मियों को पिछले दिनों हटाया गया है। विभागों में सफाई कर्मियों को बदल-बदलकर लगाया जा रहा है। गांवों में सफाई व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। इस समय करीब 40 सफाई कर्मी कार्यालयों के कामकाज और वाहनों को चलाने के लिए संबद्ध हैं।
-जीडी जैन, डीपीआरओ