न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
मृत्यु से पूर्व पीड़िता ने जेएन मेडिकल कॉलेज में अतिरिक्त सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष जो बयान उसने दर्ज कराए, उसमें उसने कहा है कि 15 अप्रैल को वह अपने घर की छत पर खाना बना रही थी। तभी तीन व्यक्ति उसके घर की छत पर चढ़ आए। रात्रि 10 बजे पहले इन तीनों ने उसके साथ जबर्दस्ती की। पीड़िता ने जब शोर मचाया तो उस समय उसके घर पर नानी मौजूद थीं।
जब उसकी नानी आईं तो इन लोगों ने उसकी नानी को धक्का दे दिया। उसके बाद उसे धमकाया कि वह किसी को इस बारे में न बताए और पास में ही रखे मिट्टी के तेल को उस पर छिड़क कर आग लगा दी। पीड़िता ने बताया कि इसमें से वह मोनू को जानती है। उसकी उम्र करीब 25 वर्ष है। उसका यह कथन सीलबंद लिफाफे में संरक्षित किया गया। संवाद