न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
पंचायत कल्याण कोष के माध्यम से अब त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों की मृत्यु की दशा में उनके आश्रितों को सहायता धनराशि दी जाएगी। इसे लेकर स्थानीय स्तर पर भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके लिए जनप्रतिनिधि के आश्रित को मृत्यु की दशा में पंचायती राज विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन होगा।
जनता के प्रतिनिधि के रूप में निर्वाचित ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष व त्रिस्तरीय पंचायत के समस्त सदस्यों को पद पर बने रहते हुए मृत्यु की दशा में (आत्महत्या/आपराधिक कृत्य में सम्मिलित होने की स्थिति को छोड़कर) उनके परिवार या आश्रितों को सहायता प्रदान किए जाने के लिए राज्य वित्त आयोग की आवंटित अनुदान से धनराशि संरक्षित कर राज्य स्तर पर पंचायत कल्याण कोष स्थापित किया जाएगा। ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य की मृत्यु की दशा में ग्राम पंचायत सचिव अपनी आख्या देंगे। इस आधार पर उनके आश्रितों को आर्थिक मदद मिल सकेगी।
ब्लॉक प्रमुख व क्षेत्र पंचायत सदस्य की मृत्यु होने पर खंड विकास अधिकारी अपनी आख्या देंगे। इसी क्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य की मृत्यु की दशा में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत अपनी आख्या शासन को देंगे। इस आधार जन प्रतिनिधि के आश्रितों को आर्थिक मदद मुहैया हो सकेगी। शासनादेश के क्रम में प्रधान ग्राम पंचायत, प्रमुख क्षेत्र पंचायत एवं अध्यक्ष, जिला पंचायत के आश्रितों को 10 लाख रुपये, सदस्य जिला पंचायत के आश्रितों को पांच लाख रुपये, सदस्य क्षेत्र पंचायत के आश्रितों को तीन लाख रुपये, व सदस्य, ग्राम पंचायत को दो लाख रुपये दिए जाएंगे। डीपीआरओ जीडी जैन ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। संवाद