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हाथरस : कृषि कानून वापस नहीं हुए तो चुनाव में भाजपा को जवाब देगा किसान

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बिसावर में हुई किसान महापंचायत को संबोधित करते किसान नेता गिरेंद्र चौधरी। - फोटो : SADABAD
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संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
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बिसावर के पैंठ बाजार में शनिवार को सर्वजातीय किसान महापंचायत का आयोजन हुआ। इसमें तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने हुंकार भरी। किसानों ने कहा कि कानून वापस न लिए जाने पर विधानसभा चुनाव में इसका जवाब भाजपा को दिया जाएगा। महापंचायत में भारी संख्या में किसानों की मौजूदगी रही।
पंचायत में पूर्व सांसद अतुल अंजान ने सरकार पर आरोप व तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह गूंगे बहरों की सरकार है। सरकार किसानों से उनकी जमीन छीनना चाहती है। किसान इस सरकार के बहकावे में ना आएं और अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए अपनी जमीन को बचा कर रखें।
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पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी ने कहा कि यह वीर गोकुला की भूमि है। औरंगजेब वीर गोकुला से नौ माह युद्ध किया था। युद्ध के बाद उसने भी अपने फरमान वापस ले लिए थे। यह सरकार तो औरंगजेब से भी ज्यादा तानाशाह है। वरिष्ठ नेता गिरेंद्र चौधरी ने कहा कि भाजपा की हिटलरशाही सरकार ज्यादा दिन नहीं चलेगी। अब किसानों को एकमत होने की जरूरत है।
जिला पंचायत सदस्य प्रदीप उर्फ गुड्डू चौधरी ने कहा कि सरकार को झटका देने के लिए सर्व समाज को एक होना होगा। पूर्व विधायक प्रताप चौधरी ने कहा कि यह तीनों कानून किसान के लिए बोझ बने हुए हैं। इन कानूनों से किसान बर्बाद हो जाएंगे। अगर इनको जल्द ही वापस न लिया गया तो अंजाम सरकार को भुगतना पड़ेगा। पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने कहा ये पूंजीपतियों और उद्योगपतियों की सरकार है, किसानों और गरीबों की नहीं।
जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र सिंह सुआ पहलवान और युवा रालोद प्रदेश महासचिव प्रवीन पौनियां ने कहा कि सरकार किसानों के हाथ से निवाला छीनने वाली सरकार है। जिपं सदस्य ईशान चौधरी ने कहा कि आवारा पशुओं का सरकार इंतजाम कर ले, अन्यथा यह पशु उन्ही के दफ्तरों में भर दिए जाएंगे।
पंचायत के आयोजक व किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष उदय पाल सिंह ने राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने, एमएसपी पर कानून बनाने, आलू की फसल पर उचित एमएसपी लागू करने, कृषकों की फसल को नष्ट करने व आवारा पशुओं से मुक्ति दिलाने की मांग की।
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पंचायत में मास्टर खेम सिंह, चंद्रेश चौधरी, महिपाल सिंह, दौलत सिंह, नरेंद्र सिंह एडवोकेट, प्रबल प्रताप सिंह, ललित त्यागी, श्यामवीर फौजदार, गवेंद्र चौधरी, राम चौधरी, रामसहाय चौधरी, बॉबी सिंह, पदम सिंह, सौदान सिंह, श्यामवीर सिंह छोंकर, रोहताश सिंह, देवेंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे।
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