न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बिटिया के घर में इस बार भी होली का त्योहार फीका रहा। बिटिया के भाई का कहना था कि जब से हमारी बहन के साथ घटना हुई, तब से हमारी खुशियों को ग्रहण लग गया है। ऐसे में हम क्या त्योहार मनाएं। उसने यही मांग दोहराई कि हमें जल्द न्याय चाहिए। इधर, गांव में लंबे समय से हालात सामान्य हैं और लोगों ने होली का त्योहार मनाया।
उल्लेखनीय है कि 14 सितंबर 2020 को चंदपा क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और गला दबाकर उसकी हत्या का प्रयास किया गया था। कुछ दिन बाद उसने दिल्ली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था। इस मामले में गांव के ही चार युवकों को नामजद किया गया था। पुलिस ने युवती की मौत से पहले ही इन चारों को गिरफ्तार कर लिया था। यह चारों अभी जेल में ही हैं। मामले की जांच सीबीआई ने की थी और चारों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था।
स्थानीय न्यायालय में इस मामले की सुनवाई हो रही है। वहीं बिटिया का परिवार सीआरपीएफ की सुरक्षा में रह रहा है। इस घटना के बाद इस परिवार की खुशियों पर ग्रहण कर लग गया है। बिटिया के परिवार की होली इस बार भी फीकी रही। बिटिया का भाई बोला कि इस घटना ने हमें इतना दर्द दिया है, जिसे हम जीवन भर नहीं भुला सकते हैं। ऐसे में त्योहार क्या मनाएं। उसने फिर वही बात दोहराई कि हमें जल्द न्याय चाहिए। इधर, आरोपियों के घरों पर होली मनाई गई और गांव में अन्य घरों में भी होली का त्योहार मनाया गया। संवाद