न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बृज की देहरी कहे जाने वाली हाथरस नगरी को अगर कहीं छोटे वृंदावन की संज्ञा मिली है तो इसमें बहुत बड़ा सहयोग बैकुंठवासी कैलाशचंद्र वार्ष्णेय का रहा है। यह उद्गार सत्संग भवन में विश्व विख्यात भागवत प्रवक्ता बाल व्यास मुरिलका शर्मा ने कैलाशचंद्र वार्ष्णेय की श्रद्धांजलि सभा में कही। उन्होंने बृज यात्रा को जारी रखने की अपील की।
गंगाशरण मैदा वालों ने कहा कैलाश सनातन धर्म के सच्चे प्रचारक थे। पूर्व डीजीसी प्रेमदत्त गौतम ने बताया कि कैलाश चंद्र धर्म के एक सच्चे समर्थक थे। स्टेनो अशोक अग्रवाल ने कहा कि आज बहुत से लोग बृज यात्रा कर रहे हैं तो वह कैलाशचंद्र जी की ही ही देन है। श्रद्धांजलि सभा को वरिष्ठ अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंढीर, बैंकर्स नेता राकेश वर्मा, दिनेश शर्मा, शरद अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, विकास अग्रवाल, प्रवीण वार्ष्णेय, राना साहब एडवोकेट, देवेश दीक्षित एडवोकेट, जमुना प्रसाद आदि ने विचार व्यक्त किए।
श्रद्धांजलि सभा का संचालन संजय दीक्षित एडवोकेट ने किया। इस मौके पर आशा शर्मा, देवू वार्ष्णेय, राघव वार्ष्णेय, अलका शर्मा, राघव अग्रवाल, मनमोहन वार्ष्णेय, दिनेश शर्मा, मोहन बाबू, मुकेश शर्मा, संजय माहेश्वरी, तेजुल बाबू, खजांची लाल, नितिन वार्ष्णेय आदि थे।