न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कर्फ्यू से प्रभावित वाणिज्य उपभोक्ताओं व छोटे उपभोक्ताओं को फिक्स चार्ज व डिमांड चार्ज में छूट नहीं मिलेगी। उपभोक्ता पिछले साल की तरह इस बार भी छूट आने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं अफसर छूट न आने की बात कह रहे हैं। इसलिए शहर, कस्बा के हजारों उपभोक्ताओं पर बिजली का बोझ जस का तस रहेगा।
उल्लेखनीय है कि जिले में अप्रैल से जून के बीच वाणिज्यक प्रतिष्ठान, छोटे उद्योग बंद रहे। इसके कारण इन्हें भारी नुकसान हुआ। बीते महीने में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद उद्यमियों ने सरकार से बंदी की अवधि में बिजली के फिक्स चार्ज, मिनिमम चार्ज सहित डिमांड चार्ज को माफ करने की मांग की। अब उद्योग धंधे धीरे-धीरे पटरी पर आ रहे हैं।
वहीं बिजली महकमे के अफसर भी यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि पिछले साल की तरह इस साल उद्योग इतने बंदी नहीं रही है। इसलिए फिक्स चार्ज व डिमांड चार्ज में छूट नहीं मिल पाएगी। जिन उपभोक्ताओं पर दस हजार से अधिक का बकाया है, वह बिजली का बिल जमा कर दें। अन्यथा बकाएदारों की सूची में उनका नाम शामिल होने के साथ बिजली कट का झटका भी लगना तय है। अफसरों ने एसडीओ जेई को दस हजार से ऊपर के बकाएदारों की सूची भी सौंप दी है।