न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
मंडी शुल्क समाप्ति के विरोध में दूसरे दिन भी किराना बाजार पूरी तरह बंद रहा। नारेबाजी के बीच कारोबारियों ने प्रदर्शन किया। कुछ कारोबारियों ने ऐलान कर दिया कि मंडी शुल्क समाप्त नहीं हुआ तो मतदान का बहिष्कार करेंगे। दो दिन बाजार बंद होने से करीब किराना थोक कारोबार को दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कारोबारी आगे की रणनीति बनाने में जुटे हैं।
उल्लेखनीय है कि कृषि कानून की वापसी के बाद किराना कारोबार एक प्रतिशत मंडी शुल्क व आधा प्रतिशत विकास शुल्क लगना शुरू हो गया है। इससे व्यापारियों की जेब पर बोझ पड़ रहा है। इसके विरोध में किराना व्यापारियों ने दूसरे दिन भी बाजार बंद रखा। कारोबारियों ने सरकार ने मंडी शुल्क समाप्त करने की मांग की। किराना एसोसिएशन के अध्यक्ष पदम नारायन अग्रवाल ने अपने साथियों संग मतदान बहिष्कार की बात कही। बाजार बंद होने से दो दिन में किराना कारोबार को करीब दो करोड़ रुपये का टर्नओवर प्रभावित हुआ है। संवाद
यदि मंडी शुल्क खत्म नहीं किया गया तो किराना कारोबारी मतदान का बहिष्कार करेंगे। पहले मंडी शुल्क समाप्त कर दिया था। टैक्स बढ़ने से आमजन को भी महंगाई का सामना करना पड़ेगा।
-पदम नारायण अग्रवाल, अध्यक्ष किराना एसोसिएशन
किराना कारोबार को पहले कर मुक्त कर दिया था। अब फिर से कर लगाकर सरकार ने परेशानी खड़ी कर दी है। कारोबारी सरकार को बदलने काम करेगा। इसके लिए रिटेल कारोबारियों को भी साथ लिया जाएगा।
-अशोक मित्तल, किराना कारोबारी
किराना कारोबार पर टैक्स लगाना गलत निर्णय है। अब अपने मत के अधिकार से सरकार को बदलने का काम करेंगे। दो दिन से कारोबार बंद होने से व्यापारियों के साथ सरकार को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
-अरुण माहेश्वरी, किराना कारोबारी