न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
अनुसूचित जाति की किशोरी के साथ छेड़खानी करने वाले एक युवक को न्यायालय ने पांच साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार कोतवाली सदर हाथरस क्षेत्र के एक गांव के एक व्यक्ति ने यह तहरीर दी कि उसकी 15 वर्षीय बेटी कक्षा 10 की छात्रा है। आरोपी सुहेल अक्सर उसकी बेटी के साथ छेड़खानी करता है। 18 अगस्त 2017 को सुबह सात बजे जब उसकी बेटी स्कूल जा रही थी तो सुहेल ने उसकी बेटी को कुछ सामान देने का प्रयास किया।
जब उसने मना कर दिया तो सुहेल ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए अश्लील हरकतें कीं। इसकी जानकारी पीड़िता ने अपने परिजनों को दी। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) प्रथम हाथरस प्रतिभा सक्सेना के न्यायालय में हुई।
न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए उसे पांच साल कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया है कि अर्थदंड की कुल धनराशि 12 हजार रुपये पीड़िता को नियमानुसार उसकी पहचान सुनिश्चित कर दी जाए। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राजपाल सिंह दिशवार ने पैरवी की।