न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हसायन/हाथरस
13 साल की जिस किशोरी के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या की गई थी, उसके पिता अपने दर्द को भूले नहीं हैं। अब दुष्कर्मी को मौत की सजा सुनाने के कोर्ट के फैसले से उनको काफी सकून पहुंचा है।
इस बिटिया के पिता कहना है कि बिटिया के खोने का गम तो हम कभी जीवन में नहीं भूल सकते। हमारी बिटिया 17 दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच में झूलती रही।
आखिरकार एक मई को उसकी मौत हो गई, लेकिन हम तभी से यह चाहते थे कि जिसने हमारी बच्ची के साथ यह हैवानियत की है, उसे ऐसी सजा मिले, जिसे जमाना देखे। अब कोर्ट ने हत्यारे को मौत की सजा सुनाई है। इससे हमें काफी तसल्ली है। न्यायपालिका पर हमारा भरोसा और बढ़ गया है। संवाद