हाथरस : बारिश से बचाने के लिए किसानों द्वारा ढकी गई फसल।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
क्षेत्र में शुक्रवार को बादल छाये रहे। रुक-रुककर बूंदाबांदी हुई तो किसानों की चिंता बढ़ गई। किसानों ने टकटकी लगाकर कभी आसमान को निहारा तो कभी खेतों में खड़ी अपनी पकी फसल को देखकर चिंताग्रस्त हो गए। किसान अपनी कटी हुई सरसों की पकी फसल को तिरपाल से ढकने में जुटे रहे।
किसानों का कहना था कि जब फसलों को पानी की अधिक आवश्यकता थी, उस समय तो बारिश हुई नहीं। अब जब फसल पककर तैयार होने लगी है तो मौसम अपने तेवर दिखा रहा है। किसानों का कहना था कि यदि तेज हवा के साथ बारिश हुई तो खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल गिर जाएगी और उसके उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा अभी खोदाई से शेष रह गई आलू की फसल भी प्रभावित होगी।
मौसम खराब होने से बेचैनी बढ़ना शुरू हो गई है। अभी आलू की फसल की खोदाई बाकी है। अगर बारिश पड़ती है तो आलू की फसल में भारी नुकसान होगा। अभी मेरी आलू की फसल पकी हुई है, ऐसे में यदि बारिश पड़ती है तो भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
-डॉ. प्रेमपाल सिंह, किसान
सरसों की कटी हुई फसल खेत में ही पड़ी है। अगर मौसम बिगड़ा और बारिश हुई तो इससे काफी नुकसान झेलना पड़ेेगा। फसल की गुणवत्ता खराब हो जाएगी।
-अनिल कुमार, टीकैत