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हाथरस : अचानक पानी छोड़ने से कटी रजबहे की पटरी, सैकड़ों बीघा फसलें डूबी

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रजबहे की कटी पटरी को ठीक कराते एसडीएम। संवाद - फोटो : SHAPHU
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संवाद न्यूज एजेंसी, सहपऊ।
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रविवार की रात को हाथरस नहर से सहपऊ रजबहा में अचानक पानी छोड़ने से दो जगह से पटरी कट गई। पटरी के कटने से 300 बीघा से अधिक में लगी आलू, गेहूं व सरसों की फसलें जलमग्न हो गईं। इससे किसानों में सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ रोष है। किसानों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। सूचना पर पहुंचे एसडीएम ने जेसीबी से पटरी की मरम्मत करवाई।
सहपऊ रजबहा कई गांव से होकर गुजरता है। यह रजबहा पिछले छह महीनों से सूखा पड़ा था। इसकी अभी हाल में सफाई का काम पूरा हुआ है। एक साल पहले नए पुलों का निर्माण हो रहा था। पुल के निर्माण होने से पहले ही रजबहे में पानी छोड़ दिया गया। ढकपुरा एवं सेदरिया के पास पटरी नीचे होने के कारण पानी ऊपर से निकल गया।
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रविवार की देर रात रजबहा में पानी छोड़ा गया तो धीरे-धीर पूरी पटरी को ही काट दिया। ढकपुरा के किसानों को रात में ही पटरी कटने का पता चल गया। वह रात को ही इकट्ठे होकर आए और सभी ने मिलकर पटरी की रात में ही मरम्मत कर दी जिससे वहां के कुछ किसानों की फसलों को नुकसान हुआ।
गांव सेदरिया के कुछ किसान जब सुबह चार बजे अपने खेतों पर रखवाली के लिए पहुंचे तो जलमग्न फसलें देखकर उनके होश उड़ गए। उनका कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही से यह नुकसान हुआ है। किसानों ने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को अवगत कराने के साथ प्रशासन को भी इसकी सूचना दी।
सूचना मिलने पर एसडीएम विपन कुमार शिवहरे भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने दो जेसीबी लगाकर पटरियों को सही कराया। एसडीएम का कहना है कि किसानों की फसलों के हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। क्षेत्रीय लेखपाल एवं कानूनगों को दो दिन में फसलों का आकलन कर आख्या भेजने के निर्देश दिए हैं। किसानों को दैवीय आपदा के तहत मुआवजा देने के लिए शासन को लिखा जाएगा।
भुगतान नहीं होने से साल भर से अधूरा पड़ा है ओवरब्रिज
किसानों का कहना है कि रजबहे में जर्जर पुलों को तुड़वा कर नए पुलों का निर्माण हो रहा था। लेकिन, भुगतान नहीं होने की वजह से एक साल से पुल का निर्माण नहीं हो सका है। जब टूटे पुलों का निर्माण हो रहा था उस समय भी रजबहे पानी छोड़ा गया था लेकिन उसका बहाव कम होने से पाइप डालकर पानी आसानी से पास हो गया था।
पिछले छह माह से रजबहा की सफाई का कार्य चल रहा था। अचानक रविवार की रात को अधिक मात्रा में पानी छोड़ दिया गया। इससे गांव सेदरिया के पास करीब 15 मीटर का कटाव पड़ गया जिससे सेदरिया के अतिरिक्त सुल्तानपुर, गढ़ी खंजमा, कस्बा सहपऊ के साथ-साथ धाधऊ गांवों के कई किसानों की 300 बीघा से अधिक की फसलों में भर गया।
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नहर विभाग के अधिशासी अभियंता बलजीत स्वरूप का कहना है ठेकेदार का भुगतान नहीं होने के कारण उसने काम अधूरा छोड़ दिया है। इसकी जांच की जाएगी ओर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग को लिखा जाएगा।

रजबहे की पटरी कटने से डूबी फसल। संवाद- फोटो : SHAPHU

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