न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में इन-दिनों नहर-रजबहों में सिल्ट सफाई का काम चल रहा है। इस कारण इनमें पानी की आपूर्ति को रोक दिया गया है। दूसरी ओर, बिजली कर्मी आए-दिन विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर चले जाते हैं। ऐसे में लाइनाें में होने वाले फाल्ट और बिजलीघरों में आने वाली कमियां दूर नहीं हो पातीं, जिससे किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही। किसानों के सामने सिंचाई की समस्या खड़ी हो गई है। इधर, संविदा विद्युत कर्मियों ने फिर चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह सोमवार से फिर कार्य बहिष्कार करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि जिले में दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 64 बिजलीघरों के जरिये बिजली की आपूर्ति की जाती है। इसमें 13 हजार नलकूप उपभोक्ता हैं। इन-दिनों आलू व गेहूं की बुवाई का कार्य चल रहा है। किसानों को फसलों को पाले से बचाने की खातिर सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है। हाल ही में जिलेभर के नहर और रजबहों की सफाई हुई है। इस कारण पानी की निकासी पूरी तरह बंद है।
सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। बिजली महकमे में नियमित कर्मियों की कमी है। इस कारण 600 संविदा कर्मियों की मदद से जिले में बिजली की आपूर्ति की जाती है। संविदा कर्मी नियमितीकरण और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर आए-दिन हड़ताल पर चले जाते हैं। इस कारण बिजली की लाइनों में फाल्ट सहीं नहीं हो पाते हैं। यदि फाल्ट हो जाए तो कई घंटे बाद सहीं होते हैं। बिना बिजली के फसलों की सिंचाई का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। इसे लेकर किसान खासे परेशान हैं। संवाद
नहर और रजबहों में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। बिजली लाइनों की लाइनों में फाल्ट के चलते भी नलकूपों का सही ढंग से संचालन नहीं हो पा रहा है। इस कारण सिंचाई के लिए पानी की परेशानी हो रही है।
-राजू, किसान कैमार
आलू व गेंहू की बुबाई का कार्य चल रहा है। अब बुबाई के बाद फसलों की सिंचाई के लिए पानी की आवश्यता पड़ेगी। नहर रजबाह में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। बिजली भी आए दिन नखरे दिखा रही है। इस कारण सिंचाई में मुश्किलें आ रही है। सर्वेश कुमार, किसान गढ़ी जैनी
सरकार किसानों को राहत देने के लिए काफी कोशिशें कर रही है। दूसरी ओर नहर रजबहों में पानी नहीं आ रहा है। नलकूप के फीडर अलग कर दिए गए हैं। लाइनों में फाल्ट के चलते बिजली गुल होने पर कई कई घंटे इंतजार करना पड़ता है।
-भीम सिंह, किसान गिजरौली
जिले में हिसाब से आलू व गेंहू का उत्पादन होता है। उस हिसाब से सिंचाई के संसाधनों का अभाव है। इन दिनों नहर रजबाहे सूखे पड़े हैं। बिजली भी आंख मिचौली का खेल खेलती है। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण नलकूप का संचालन प्रभावित होता है। राजीव, किसान, तमना गढ़ी।
अभी मांगों को लेकर लखनऊ में संविदा यूनियन के पदाधिकारियों का धरना जारी है। दस दिन का समय दिया गया है। इसलिए कार्य बहिष्कार को स्थगित कर दिया गया है। अभी तीन पहले काम करना शुरू किया है। सोमवार को निर्णय नहीं आता है तो फिर से जिला स्तर पर धरना शुरू कर दिया जाएगा। कृष्ण, संविदा यूनियन अध्यक्ष।