संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
हाथरस डिपो अपने कारनामों से मुख्यालय तक चर्चाओं में रहता है। अब एक चालक ने प्राइवेट पंप कर्मी पर बस से डीजल निकालने का आरोप लगाया है। इसे लेकर हंगामा भी हुआ। चालक के आरोप के बाद अफसर मंथन कर रहे हैं। मामले में जांच एआरएम व अन्य अधिकारियों द्वारा की जाएगी। पंप पर हर रोज जाने वाले बिलों को फिलहाल रोक दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि पहले रोडवेज द्वारा आईओसी से डीजल की आपूर्ति ली जाती थी। अब आईओसी से डीजल के रेटों के बढ़ा दिया। इसके बाद मुख्यालय स्तर से आदेश हुआ कि प्राइवेट पंप से डीजल की आपूर्ति ली जाए। शहर के आगरा रोड पर रोडवेज के अधिकारियों ने एक पंप को चयनित कर लिया। कई महीने से डीजल की आपूर्ति इस पंप से ली जा रही है।
ये है कर्मी का डीजल चोरी आरोप
बस संख्या यूपी 81 एफ 2968 लखनऊ रूट पर संचालित होती है। चालक राजपाल का आरोप है कि वह पंप पर डिपो के कर्मी को ड्यूटी स्लिप देने के लिए वहां बने कमरे में गया। वहां से वापस आया तो उसने एक बर्तन में कुछ लीटर डीजल देखा। इस पर चालक ने पंप कर्मी पर बस से डीजल चोरी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
हंगामे की जानकारी होने पर वर्कशॉप के कर्मी पहुंच गए। रोडवेज के अधिकारी इस मामले को दबाने में जुटे रहे। अब इस मामले में जांच की जाएगी। इस मामले में एआरएम शशी रानी का कहना है कि जिस प्राइवेट पंप से डीजल लिया जा रहा है। उस पंप के कर्मी पर चालक द्वारा डीजल चोरी का आरोप मामले में जांच की जा रही है। साथ ही पंप पर जाने वाले डीजल के बिलों को फिलहाल रोक दिया गया है।
डीजल को लेकर डिपो रहा पूर्व में बदनाम
हाथरस डिपो के वर्कशॉप में पूर्व में करीब साठ बोतलों में डीजल भरा हुआ मिला था। इस मामले में मुख्यालय की टीम ने आकर जांच की थी। अब चालक ने पंप कर्मी पर डीजल चोरी का आरोप लगाया है। अब लोकल स्तर पर अधिकारी जांच करने की बात कह रहेहैं। एक तरफ यह भी कह रहे है कि टैंक से डीजल निकलना मुश्किल है।
77 बसों में हर रोज पांच हजार लीटर की खपत
हाथरस डिपो में वर्तमान में 77 बसें हैं। इसमें काफी बसें चालक परिचालकों व सामान के अभाव में खड़ी हुई है। बाकी जो बसें संचालित हो रही है। उसमें एआरएम की मानें तो करीब पांच हजार लीटर डीजल की प्रतिदिन खपत होती है।