डीएम जैसे रुतबेदार पद पर होने के बावजूद अर्चना वर्मा ने अपने बेटे को आंगनबाड़ी केंद्र भेजकर यह संदेश दिया है कि सरकारी केंद्रों पर भी उनके बच्चों की बेहतर देखभाल हो सकती है।
आज के समय में मध्यम वर्गीय परिवार भी अपने बच्चों को प्ले स्कूल में भेजना पसंद करते हैं तो ऐसे में डीएम के इस कदम की चर्चा हर तरफ हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह अफसरों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ने लग जाएं तो इनकी सूरत भी बदल सकती है।