न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में डीएपी खाद की किल्लत बनी हुई है। डीएपी की किल्ल्त को दूर करने के लिए अब कृषि विभाग की ओर से शासन को जिले में 5500 एमटी डीएपी उपलब्ध कराए जाने के लिए मांग भेजी गई है। थोक उर्वरक विक्रेताओं को खुदरा विक्रेताओं तत्काल डीएपी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में डीएपी की किल्लत से किसान परेशान हैं। जिन विक्रेताओं के यहां स्टॉक उपलब्ध है, उसमें से कुछ उर्वरक विक्रेताओं द्वारा डीएपी की कालाबाजारी भी की जा रही है। इस कारण जिले में किसान डीएपी के लिए दर-दर भटकने के लिए मजबूर हैं। अब प्रशासन की ओर से डीएपी की किल्लत को दूर करने के सहकारी समितियों का निरीक्षण की तैयारी तेज कर दी गई है।
वहीं थोक विक्रेताओं के यहां मौजूद स्टॉक को रिटेलर के यहां पहुंचाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। कृषि विभाग की ओर से शासन को जिले में 5500 एमटी डीएपी की उपलब्ध कराने की मांग की है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जल्द ही डीएपी की किल्लत को दूर करने के लिए सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं। संवाद