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हाथरस : पीएम आवास योजना (शहरी) में नामित संस्था को किया डिबार

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत लाभार्थियों के सत्यापन, डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने व अन्य कामों के लिए नामित संस्था मैसर्स क्रिएटिव कंसोटियम को शासन ने डिबार कर दिया है। संस्था की तैयार डीपीआर में अपात्र लोगों की संख्या 10 फीसदी से अधिक पाई गई है। अन्य अनियमितताएं भी पाई गई हैं। इस आधार पर शासन ने यह कार्रवाई की है। दूसरी ओर अब नई संस्था के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
शासन स्तर से पीएम आवास योजना (शहरी) के तहत शहरी क्षेत्र में रहने वाले गरीब लोगों के लिए आवास के निर्माण के लिए आर्थिक मदद मुहैया कराई जाती है। इन आवेदनों के दस्तावेजों की पूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए शासन की ओर से वर्तमान में क्रिएटिव कंसोटियम नामक संस्था को नामित किया गया था। इससे पूर्व जैयस-ए-दलाल नामक संस्था को नामित किया गया था।
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अब इन दोनों संस्थाओं को राज्य नगरीय विकास अभिकरण की मिशन निदेशक यशु रुस्तगी ने डिबार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि डीपीआर स्वीकृत कराए जाने एवं उसके उपरांत लाभार्थियों का एमआईएस पोर्टल पर अटैचमेंट करने में समय व मानव संसाधन का उपयोग होता है। लाभार्थियों के अपात्र होने की दशा में डीपीआर राज्य एवं केंद्रीय स्तर पर पुन: स्वीकृत कराई जाती है, जिससे पूर्व में उपयोग किए गए समय एवं मानव संसाधन की अत्यधिक हानि होती है।
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यदि किसी अपात्र को किश्त का भुगतान किया जाता है तो शासकीय धन का अपव्यय भी होता है। इसकी वसूली किए जाने में समय एवं प्रशासनिक मानव संसाधन की हानि के साथ अत्यंत कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त परियोजनाओं को पूर्ण करने में भी विलंब होता है। जिन जिलों में अपात्रों की संख्या कुल स्वीकृत आवासों के सापेक्ष 10 प्रतिशत से अधिक है, उन जनपदों में संस्थाओं को उत्तरदायी माना गया है ओर अपात्रों को किया गया कोई भी भुगतान संस्था को देय नहीं होगा। इस क्रम में हाथरस जिले में कार्यरत संस्था मै. क्रिएटिव कंसोटियम को जनपद में आगे के सभी कार्य के लिए डिबार किया गया है। संस्था पर 32 प्रतिशत अपात्रों के सापेक्ष 45,600 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। संवाद
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