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हाथरस : गोवंश, जंगली जानवरों को लग रहा झटका, बज रहा सायरन

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हाथरस : खेतों के पास घूमते आवारा पशु। संवाद - फोटो : SADABAD
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अशोक वार्ष्णेय
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सादाबाद। आवारा गोवंश से परेशान किसानों के लिए झटका मशीन वरदान साबित हो रही है। इस मशीन के प्रयोग से किसान अपनी कई एकड़ फसल को आवारा गोवंश और जंगली जानवरों के आतंक से बचा पा रहे हैं। यह मशीन आवारा जानवरों को न सिर्फ झटका देकर उन्हें खेत में घुसने से न सिर्फ रोक रही है, बल्कि सायरन देकर खेतों की चौकीदारी में लगे पहरेदार किसानों को चौकन्ना कर रही है। बाजार में इस मशीन की बिक्री भी बढ़ गई है। काफी किसान इस मशीन को सादाबाद के साथ आगरा से भी लेकर आ रहे हैं।
गौरतलब है कि क्षेत्र में इस समय आवारा गोवंश और जानवरों का आतंक इतना अधिक है कि फसलों की बुवाई के बाद खेत मे फसल को बचा पाना किसान के लिए आसान नहीं है। किसान रात रात भर फसलों की पहरेदारी में जुटे हुए हैं। यह आवारा जानवर सबसे अधिक आलू, गेहूं, सरसों और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में बाजार में आई झटका मशीन किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। यह मशीन छोटे किसान से लेकर बड़े किसानों के बजट में है। यह मशीन बैटरी द्वारा संचालित होती है, जिसे किसान बिजली और सौर ऊर्जा से चार्ज कर सकते हैं। किसान इसके परिणाम से संतुष्ट भी हैं।
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मशीन इस तरह करती है काम
सादाबाद। पांच से छह बीघा फसल के लिए मशीन के उपयोग को खेत के चारों तरफ दो लेयर में पतले तार से घेरेबंदी करनी होती है। दोनों तार के छोर मशीन से जोड़ दिए जाते हैं। यदि आवारा गोवंश या जानवर खेत मे जाने का प्रयास करेंगे तो उन्हें डीसी करेंट का झटका लगेगा और वह खेत में नहीं जाएंगे। यह नहीं यह जानवर तार से टच भी होंगे तो सायरन बजने लगेगा और खेत की पहरेदारी कर रहे किसान को इसकी जानकारी हो जाएगी और किसान फसल की सुरक्षा भी कर सकेंगे। संवाद
यह मशीन काफी कारगर है। इस मशीन की वजह से आवारा गोवंश व जानवर फसलों में नहीं घुस पाते, जिस वजह से फसल सुरक्षित रहती है। इस मशीन को लगाने में लगभग 20 हजार रुपये खर्च होते हैं। इसमें से मशीन की कीमत ही करीब दस हजार रुपये है।
-जगदीश, किसान गढ़ी ख्याली
करीब 70 फीसदी किसानों ने इस मशीन को अपने खेत पर लगा लिया है। इस मशीन से आवारा जानवरों को सिर्फ झटका लगता है, उनकी मौत नहीं होती है। जानवर करंट का झटका खाकर भय की वजह से भाग जाते हैं। इस मशीन से जुड़े तार से जैसे ही पशु टच होते हैं, वैसे ही सायरन भी बोलने लगता है।
-सुनीत कौशिक, किसान
सरकार इन आवारा गोवंश और जंगली सूअरों का कोई इंतजाम नहीं कर पा रही है, ऐसे में इन जानवरों से फसल को बचाने के लिए झटका मशीन काफी कारगर साबित हो रही है। मशीन के जरिये तारों में करंट छोड़ा जाता है, जिससे जैसे ही पशु खेत में घुसने की कोशिश करता है तो उसको एकदम से करंट लग जाता है और वह झटका खाकर पीछे हट जाता है।
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-रामवीर, किसान
पिछले साल भी आवारा जानवरों ने उनकी काफी फसल बर्बाद की थी। इस वजह से उन्हें झटका मशीन खेत पर लगवानी पड़ी है। इस मशीन से काफी हद तक राहत मिली है। प्रशासन को इन आवारा पशुओं का इंतजाम करना चाहिए, तब ही किसानों को पूरी राहत मिलेगी। मशीन तो वैकल्पिक व्यवस्था है।
-गुड्डू गौतम, गांव गढ़ी राधे
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