न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
किशोरी के साथ दुष्कर्म करने वाले दुष्कर्मी को विशेष न्यायालय (पॉक्सो अधिनियम) ने आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। दोषी किशोरी का रिश्तेदार लगता है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार हसायन थाना क्षेत्र के एक गांव में 29 जून 2016 को सुबह साढ़े आठ बजे 14 वर्षीय किशोरी अपने घर के पास लगे सरकारी नल से पानी भरने गई थी तो उसी समय वहां प्रेमचंद्र उर्फ बंदो ने किशोरी के साथ छेड़खानी की और अश्लील हरकतें कीं। वह किशोरी को जबरिया खेत में खींचने लगा। वहां किशोरी की मां आ गई तो प्रेमचंद्र वहां से गाली-गलौज करते हुए व जान से मारने की धमकी देकर भाग गया। इस दौरान उसका मोबाइल फोन भी गिर गया। इस मामले में थाना हसायन में मुकदमा दर्ज किया गया। पहले विवेचक ने अभियुक्त प्रेमचंद्र के विरुद्ध केवल धारा 504, 506 आईपीसी में आरोपपत्र दाखिल किया, लेकिन बाद में विवेचना बदली गई और दूसरे विवेचक के पीड़िता और गवाहों के बयान के आधार पर अतिरिक्त आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) प्रतिभा सक्सेना के न्यायालय में हुई। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की कुल धनराशि 70 हजार रुपये पीड़िता को उसकी पहचान सुनिश्चित कर देने के आदेश भी कोर्ट ने दिए हैं। साथ ही न्यायालय ने सरकार से अपेक्षा की है कि दुष्कर्म की शिकार पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत मुआवजा देना सुनिश्चित करें। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी केके शर्मा ने की।
उदारता का दृष्टिकोण अपनाया तो अपराधियों का मनोबल बढ़ेेगा : कोर्ट
हाथरस। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम प्रतिभा सक्सेना ने अपने फैसले में यह टिप्पणी कि यदि न्यायालय द्वारा ऐसे अपराधियों के साथ सहृदयता एवं उदारता का दृष्टिकोण अपनाया जाता है तो समाज में ऐसे जघन्य और कुत्सित अपराध कारित करने वाले अपराधियों का मनोबल बढ़ेेगा और अराजकता की भावना उत्पन्न होगी। संवाद
आज मिला है मेरी बेटी को न्याय
हाथरस। न्यायालय द्वारा अभियुक्त को सजा सुनाए जाने के उपरांत पीड़िता के पिता की आंखों से आंसू छलक पड़े और बोले आज मेरी बेटी को न्याय मिला है। मेरा न्याय पालिका में भरोसा बढ़ा है। संवाद