न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
नए साल में बिजली महकमे द्वारा उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली देने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। जितने उपभोक्ता हैं, उस हिसाब से उनके लिए बिजली का इंतजाम किया जा रहा है। सात नए बिजलीघर बनने से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की स्थिति सुधरेगी। कागजों में जो कनेक्शन 10 साल से चल रहे हैं या बिल जमा नहीं कर रहे हैं, उनको पूरी खत्म करने के निर्देश आला अफसरों ने दिए हैं। सरकार ने बिजली के लिए जो बजट जारी किया है, उसका जिले के लोगों को सीधा फायदा मिलना तय है। रिवेम्प स्कीम के तहत इसके लिए सर्वे की शुरुआत हो गई है।
उल्लेखनीय है कि इन दिनों में 64 बिजलीघरों के दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इसमें बड़े पैमाने पर ऐसे उपभोक्ता हैं, जो 10 साल से बिल जमा नहीं कर रहे हैं। कागजों में ये कनेक्शन चल रहे हैं। इससे विभाग के राजस्व में भी कमी आ रही है। इसे लेकर बिजली अफसरों की आए-दिन क्लास लग रही है। निदेशक वाणिज्य ने बीते दिनों वीडियो कांफ्रेस के दौरान साफ शब्दों में कहा कि जो उपभोक्ता बीते 10 साल से बिल जमा नहीं कर रहे हैं, उन्हें खत्म किया जाए, ताकि सिस्टम में सुधार हो सके। आने वाले दिनों में ईआरपी सिस्टम के तहत सब कुछ ऑनलाइन होगा। इससे पहले व्यवस्था में सुधार कर लिया जाए।
रिवेम्प में बेहतर आपूर्ति के लिए होगा काम
हाथरस। बीते दिनों सरकार ने बिजली विभाग को बजट भी जारी कर दिया है। इस बजट से रिवेम्प स्कीम में काम होने की बात अफसर कह रहे हैं। इस बजट से जर्जर लाइनों को बदला जाएगा। नंगे तारों को पूरी तरह खत्म किया जाएगा। सात नए सबस्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा मीटरिंग की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। इन सब इंतजाम के बाद ही तय होगा कि कितने उपभोक्ता हैं। कितनी बिजली की खपत के लिए चाहिए। नए साल में ये सब सुधार होने की उम्मीद है। इन दिनों कार्यदायी संस्था द्वारा सर्वे किया जा रहा है। संवाद
जो लोग 10 साल से बिल जमा नहीं कर रहे हैं, उनके कनेक्शनों को कागजों में से खत्म किया जाएगा।
-जगतराम, अधीक्षण अभियंता