मध्यप्रदेश के देवास में पटाखा फैक्टरी में दो महीने पहले हुए विस्फोट का हाथरस से कनेक्शन जुड़ रहा है। रविवार को मध्यप्रदेश से आई एसआईटी की टीम ने सासनी निवासी खाद कारोबारी अनुज भार्गव के यहां दबिश दी लेकिन वह हाथ नहीं लगा। पुलिस के अनुसार अनुज ही पोटेशियम नाइट्रेट (कलमी शोरा) की आपूर्ति मध्य प्रदेश की फैक्टरी में कर रहा था।
मध्य प्रदेश के देवास के टोंक कलां क्षेत्र में मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित पटाखा फैक्टरी में इस साल 14 मई को विस्फोट हुआ था। हादसे में तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी और 20 से अधिक मजदूर घायल हुए थे। बाद में दो और मजदूरों की मौत हो गई थी। घटना को गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद तकनीकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था।
घटना के बाद फैक्टरी मालिक चीन भाग गया था। हालांकि उसे लौटने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर ही लुक आउट नोटिस के जरिये पकड़ लिया गया था। फैक्टरी से मिले बिल के आधार पर एसआईटी जांच के लिए हाथरस पहुंची। एसआईटी को आशंका है कि अनुज की फर्म फैक्टरी को अवैध तरीके से पोटेशियम नाइट्रेट की आपूर्ति कर रही थी। इस तथ्य को जांच में शामिल किया गया है। 10 दिन पहले भी एसआईटी जिले में आई थी और शहर के बिजली कॉटन मिल निवासी व्यापारी से पोटेशियम नाइट्रेट की आपूर्ति के संबंध में पूछताछ की थी।
अवैध खाद के कारोबार में भी दर्ज हुई है एफआईआर
20 फरवरी को डीएम अतुल वत्स ने सासनी में एक फैक्टरी से 50 क्विंटल से अधिक सरकारी यूरिया, डीएपी व पोटाश बरामद किया था। प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना के यूरिया के करीब 100 कट्टे भी मिले थे। इनकी यूरिया निकाल केमिकल आदि मिलाकर औद्योगिक यूरिया बनाया जा रहा था। इस मामले में फर्म संचालक अनुज भार्गव के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। एसआईटी अनुज भार्गव की तलाश में ही सासनी पहुंची थी लेकिन वह नहीं मिला।
देवास में हुए विस्फोट के बारे में एसआईटी छानबीन के लिए यहां पहुंची थी। कारोबारी से पूछताछ करनी थी लेकिन वह मिला नहीं है। जांच में हाथरस पुलिस की ओर से हरसंभव सहयोग किया जा रहा है।
-हिमांशु माथुर, सीओ सिटी