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हाथरस : 581 किमी जर्जर बदलें, तब दूर होगा बिजली संकट

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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प्रदेश सरकार ने इस बार बजट में रिवेम्प योजना का एलान किया गया था। इसके तहत जिले में बिजली सिस्टम को मजबूत करने के लिए काम होना है। वर्तमान में शहर से देहात तक तक 581 किलोमीटर बिजली की लाइन जर्जर हालत में हैं। इस कारण उपभोक्ताओं को आए-दिन बिजली संकट का सामना करना पड़ता है। निगम स्तर से काम शुरू कराने में हो रही देरी का खमियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि जिले में कई साल पहले आरएपीडीआरपी के तहत बिजली की लाइनें डाली गईं थीं, लेकिन वर्तमान में यह लाइनें अब जर्जर हो गई हैं। जरा लोड बढ़ने पर फॉल्ट हो जाते हैं। इस कारण लोगों को कई-कई घंटे बिना बिजली के रहना पड़ता है।
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पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। विभागीय अधिकारी बिजली सिस्टम के कायाकल्प के लिए रिवेम्प योजना लागू होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि बिजली के ढांचे को मजबूत किया जा सके। रिवेम्प के तहत जिले में 581 किलोमीटर नई लाइन डाली जाएंगी।
शहर में 180 किलोमीटर लाइन डालने का काम होगा। 850 छोटे-बड़े ट्रांसफॉर्मर लगने से ओवरलोडिंग की समस्या खत्म होगी। जिले में तीन नये विद्युत उपकेंद्र बनाए जाएंगे। अधीक्षण अभियंता (एसई) एमपी सिंह का कहना है कि निगम स्तर पर टेंडर प्रक्रिया चल रही है। सितंबर में काम शुरू होने की उम्मीद है। संवाद
लाइनें जर्जर होने की वजह से आए-दिन बिजली गुल हो रही है। जब विभागीय अधिकारियों से इसकी शिकायत की जाती है तो रिवेम्प स्किम में काम होने की बात कहते हैं।
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-सोनू खंडेलवाल
कभी लाइन तो कभी सिस्टम ओवरलोड हो जाता है। इस कारण आए-दिन काफी काफी देर तक बिजली गुल हो रही है। बिना बिजली के कामकाज प्रभवित हो रहा है।
- कैलाश पचौरी
जिस हिसाब से बिजली विभाग को राजस्व का ध्यान रहता है, उस हिसाब से आपूर्ति सुचारु करने पर ध्यान नहीं दिया जाता है। इस कारण बिजली संकट झेलना पड़ता है।
-सुनील अग्रवाल
शहर में जगह-जगह जर्जर लाइनें झूल रही हैं। जरा सा लोड पड़ने के साथ लाइनों में फॉल्ट होना आम बात हो गई है। हर रोज काफी देर तक बिना बिजली के रहना पड़ रहा है।
-कुलदीप भारद्वाज
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