संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
कोरोनारोधी टीकाकरण को लेकर ऐसे मामले सामने आ रहे हैं कि बिना टीकाकरण के ही वैक्सीनेशन के संदेश पहुंच रहे हैं और नेट पर प्रमाण पत्र लोड हो रहे हैं। अब एक और छात्र के साथ यह मामला सामने आया है। शासन की ओर से 15 से 18 साल के बच्चों के वैक्सीनेशन कराए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इन निर्देशों के क्रम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों के वैक्सीनेशन शुरू कराया गया है। इस दौरान एक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। ग्राम विकास अधिकारी यतेंद्र कुमार सिंह का पुत्र वैभव सिंह 11 वीं कक्षा में सेंट फ्रांसिस में पढ़ता है। वैभव सिंह ने बताया कि मैंने चार जनवरी को वैक्सीन नहीं लगवाई हैं।
लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा फर्जी तरीके से मुझे वैक्सीनेटेड दिखा दिया है। ऑनलाइन वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया है। वैभव ने कहा है कि जिला प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। इस तरह की गड़बड़ी रोकी जानी चाहिए। इसी तरह की शिकायत मंगलवार को आरपीएम स्कूल के एक छात्र मयंक राज लवानिया व उसके पिता केके शर्मा ने सीएमओ ऑफिस पहुंच कर की थी।
इस सिलसिले में सीएमओ डॉ.सीएम चतुर्वेदी का कहना है कि यह गलती पोर्टल से हो रही है। जो उनके हाथ में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को शिकायत करने वाले छात्र का टीकाकरण करा दिया गया है। जिन लोगों के पास गलती से वैक्सीनेशन का मैसेज आ गया है और उन्होंने टीका नहीं लगवाया है। वह टीका लगवा लें।