न्यूज डेज्ञस्क, अमर उजाला, मुरसान (हाथरस)
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत विकास खंड मुरसान की ग्राम पंचायत जैतपुर में मवेशी शेड निर्माण के नाम पर हुए घोटाले में नए तथ्य सामने आए हैं। हैरानी की बात यह है कि कागजों में मवेशी शेड का निर्माण नौ दिन में पूरा दर्शा दिया गया, जबकि हकीकत में इन शेड का निर्माण हुआ ही नहीं है। दो मवेशी शेड का निर्माण तो महज एक-एक मानव दिवस ही सृजित कर पूरा दिखा दिया गया है। अब जिम्मेदारी अधिकारी व कर्मचारी इस मामले में खुद को बचाने की कोशिश में जुट गए हैं। अभी तक उच्चाधिकारियों को इसकी जांच रिपोर्ट भी नहीं भेजी गई है।
उल्लेखनीय है कि मनरेगा के तहत विकास खंड मुरसान की ग्राम पंचायत जैतपुर में मवेशी शेड के निर्माण के नाम पर लाखों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। इससे अफसरों व जिम्मेदार कर्मचारियों में खलबली मच गई है। चयनित लाभार्थी मुकेश व विनोद कुमार ने इस मामले में एक शिकायती पत्र उच्चाधिकारियों को भेजा है। जांच में पता चला कि पांच मवेशी शेड के निर्माण के लिए वर्ष 2020 में धनराशि निकाली गई है। दो मवेशी शेड का निर्माण तो अभी तक नहीं हुआ है। शेष लाभार्थियों ने शेड का निर्माण अपने पैसे से कराया है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि मनरेगा के तहत मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों को सरकार पशुपालन में मदद करती है। इन मजदूरों का पशुपालन में मदद के लिए कैटल शेड का निर्माण करवाती है। इस निर्माण कार्य में होने वाला खर्च मनरेगा से वहन किया जाता है। अब मामले के सुर्खियों में आने के बाद अधिकारियों व जिम्मेदाराना जनप्रतिनिधि में खलबली मच गई है।
अब इस मामले धनराशि के हुए गबन को छिपाने के लिए लाभार्थियों के यहां मवेशी शेड निर्माण शुरू कर दिया गया है। इस मामले में हैरानी वाले तथ्य भी सामने आए हैं। विनोद व मुकेश के मवेशी शेड के निर्माण के एमआईएस की रिपोर्ट के अनुसार 21 मार्च 2020 को निर्माण शुरू हुआ और 29 मार्च 2020 को पूर्ण कर दिया गया है। इन दोनों शेडों के निर्माण में महज एक-एक मानव दिवस सृजित किया। इसका मतलब कि एक दिन में पूरे शेड का एक व्यक्ति ने निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया। लाभार्थी दरबार सिंह के मवेशी शेड के निर्माण में महज दो मानव दिवस सृजित किए गए हैं। दूसरी ओर अभी तक इस मामले में जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी नहीं गई है। संवाद
जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। अभी सभी दस्तावेजों को एकत्रित किया गया है।
-नीरज गर्ग, खंड विकास अधिकारी मुरसान।
सभी बिंदुओं पर जांच रिपोर्ट मांगी गई है। एमआईएस सहित अन्य बिंदुओं पर पूरा आरोपपत्र तैयार होगा। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एके मिश्र, पीडी