न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बिटिया की स्मृति में सपाइयों ने कैंडल मार्च निकाला और शोकसभा भी की। सपाइयों ने इस मौके पर कहा कि भाजपा सरकार दलित विरोधी है। सपाइयों के तयशुदा कार्यक्रम को लेकर खुफिया तंत्र और प्रशासन भी सतर्क रहा।
उल्लेखनीय है कि चंदपा क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की एक बिटिया के साथ पिछले साल 14 सितंबर को गांव के ही युवकों ने दुष्कर्म किया था और उसकी हत्या का प्रयास किया था। कुछ दिन बाद उसने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था। उसके शव का परिजनों की इच्छा के विरुद्ध पुलिस प्रशासन ने रात्रि में ही जबरिया अंतिम संस्कार कर दिया था।
मामले ने काफी तूल पकड़ा था और अभी तक यह मामला सुर्खियों में है। पिछले दिनों सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने निर्देश दिए थे कि हर माह 30 तारीख को हाथरस की बेटी का स्मृति दिवस मनाया जाए। इसके मद्देनजर सपाइयों ने सपा के पूर्व हाथरस विधानसभा प्रत्याशी रामनारायण काके के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाला। यह कैंडल मार्च मोहल्ला गड्ढा से सादाबाद गेट, नवीपुर चौराहा, आगरा रोड, रोडवेज बस स्टैंड, वाल्मिकी बस्ती मोहल्ला माइयान पहुंचकर समाप्त हुआ। वहां मौन धारण कर बिटिया को शोक श्रद्धांजलि दी गई।
प्रदेश सरकार की निंदा भी इस मौके पर की गई। इस मौके पर हेमंत गौड़, डॉ. लक्ष्मण सिंह उर्फ पप्पू, चिंकू शर्मा, योगेश समाधिया, नवाब कुरैशी, इरफान भाई, संजीव चौधरी, धर्मवीर चौधरी, जुगनू माहौर, आजाद कुरैशी, सियाराम प्रजापति, अनिल दीक्षित, मनीष चौधरी, कमल दीक्षित, शिवम वाल्मीकि, ऋतिक वाल्मीकि, हाजी नवाब हसन आदि मौजूद थे। इससे पहले सुबह सपा के जिला कार्यालय पर भी ‘हाथरस की बेटी का स्मृति दिवस’ के अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सबसे पहले मौन धारण कर बिटिया को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष और एमएलसी जसवंत सिंह यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने बिटिया के परिवार से किए गए किसी भी वादे को पूरा नहीं किया गया। अब सपा सरकार आने पर बिटिया के परिवार की मदद की जाएगी। जिला महासचिव जैनुद्दीन ने कहा कि हम सभी यह प्रण लेते हैं कि भाजपा के दलित और महिला विरोधी चेहरे को सामने लाना है। सपा माह की 30 तारीख को हाथरस की बिटिया का स्मृति दिवस मनाएगी।
वाल्मीकि समाज के नेता विनोद कुमार कोमल ने कहा की जिस तरह सरकार द्वारा हाथरस की बेटी को रात में बिना परिवार की अनुमति के जबरन जला दिया गया था, उससे यह साबित होता है कि भाजपा दलित विरोधी है। इस मौके पर पूर्व प्रत्याशी रामनारायण काके, कोषाध्यक्ष मुहर सिंह, विजय सिंह प्रेमी, लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष मजीबुर्रहमान, ताजेंद्र निम, हेमंत गौड़, हाजी नवाब हसन, बालकिशन यादव एडवोकेट, राम यादव, नवाब कुरैशी, जफरुद्दीन, आसिफ़, आमिर, शाहिद, खलीफा निजाम भाई, अवधेश बाबा, अवनीश सागर, चिंटू शर्मा आदि थे। संवाद