हाथरस : वर्षों से बंद पड़ी इत्र फैक्टरी में छह माह पहले बनवाई गई भट्ठी। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाल, हसायन (हाथरस)।
कस्बा में इत्र का कारोबार काफी पुराना है। क्षेत्र के अलावा दूसरे राज्यों और शहरों के कारोबारी भी यहां आकर फैक्टरियों का संचालन करते हैं। इसकी वजह क्षेत्र में गुलाब के फूल की अच्छी-खासी पैदावार होना है।
गुलाब के फूल की पैदावार पूरे साल में दो बार होती है। पहला सीजन चैत्र मास में शुरू हो जाता है। लखनऊ, कन्नौज, कानपुर और मुंबई सहित अन्य जगहों के बडे़ कारोबारी लाखों की जमीन खरीदकर फैक्टरी बनाते हैं और इनकी देखरेख के लिए चौकीदारों को छोड़ जाते हैं। क्षेत्र में गुलाब के फूल की पैदावार भी इत्र कारोबारियों के भरोसे ही होती है।
व्यापारी गुलाब के फूल की पैदावार के दौरान फड़हा विक्रेताओं के माध्यम से फूल की खरीदारी करते हैं। हालांकि समय-समय पर किसान कारोबारियों पर आढ़तियों के साथ मिलकर फूल की कीमतें गिराने और उसे कम दाम पर खरीदकर किसान को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते रहे हैं। इसे लेकर कई बाद विवाद की स्थिति भी आई है। संवाद