जिले में शिक्षा माफिया का जाल बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों के लिए मुसीबत बनकर रह गया है। नगर क्षेत्र के मान्यता प्राप्त एक स्कूल से कक्षा आठ पास की टीसी लेकर राजस्थान में बड़ी संख्या में सरपंच बन गए हैं।
इन राजस्थानी सरपंचों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों को राजस्थान प्रशासन ने हाथरस को सत्यापन के लिए भेजा है, लेकिन अब तक कई बार इस स्कूल का चक्कर काटने के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग के जांच अधिकारियों को स्कूल संचालक अपना रिकॉर्ड दिखाने के लिए तैयार नहीं है। वहीं, राजस्थान प्रशासन लगातार रिमॉडर भेजकर बेसिक शिक्षा विभाग के लिए मुसीबत बढ़ाता जा रहा है।
फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों के लिए हाथरस जिला अब प्रदेश में ही नहीं अन्य प्रदेशों में भी चर्चित हो चुका है। राजस्थान में बीते पंचायत चुनाव में शहर के एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय से सोहन लाल पुत्र पन्नी सिंह, कुमारी गीता पुत्री गणेशी, मुरारीलाल मीना पुत्र हजारीलाल मीना, पिंटू कुमार पुत्र रामबाबू सिंह, कुमारी प्रियंका पुत्री चरन सिंह, मीना पुत्री बुंदू खां, कमलेश पुत्री हीरालाल ने कक्षा आठ पास की टीसी प्राप्त की। इन लोगों ने हाथरस से टीसी प्राप्त करने के बाद राजस्थान में सरपंच का चुनाव लड़ा। इस चुनाव में इन लोगों ने जीत भी दर्ज कर ली है। इन सभी लोगों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की विरोधियों ने सत्यापन की मांग की है।
इसके बाद राजस्थान प्रशासन ने इन सभी सरपंच नियुक्त हुए लोगों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों सहित कक्षा आठ पास की टीसी का सत्यापन मांगा है। लगातार प्रयास के बावजूद रिकॉर्ड उपलब्ध न होने पर नगर शिक्षा अधिकारी ने बीएसए को अपनी सौंपी रिपोर्ट सौंपी है। इसमें उक्त विद्यालय में पहुंचकर एवं प्रधानाध्यापक से कई बार संपर्क कर इन शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन करने के लिए रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने इस संबंध में रिकॉर्ड दिखाने से इंकार कर दिया। जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि उक्त शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी हैं।
- नगर शिक्षा अधिकारी को सत्यापन के आदेश दिए थे। विद्यालय संचालक द्वारा रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने पर विधिवत रूप से कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में राजस्थान प्रशासन को रिपोर्ट भी भेज दी जाएगी।
- रेखा सुमन, बीएसए