न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
चार महीने बाद शहनाई की गूंज सुनाई देगी और बाजारों में खरीदारी भी रफ्तार पकड़ेगी। देवोत्थान एकादशी को अनसूझा विवाह मुहूर्त होने के कारण परिणयोत्सव की धूम रहेगी। सैकड़ों जोड़े दांपत्य सूत्र में बधेंगे। जिसके लिए बाजार सज-धज कर तैयार हैं। मैरिज होम, गेस्ट हाउस आदि की बुकिंग अगले महीने तक फुल हो गई है।
देवशयन के कारण शादियों पर विराम लगा हुआ था। चार महीने बाद रविवार से सहालग शुरू हो रहे हैं। अब 13 दिसम्बर तक शादियों की धूम रहेगी। बाजार की चमक पहले ही बढ़ चुकी है। रविवार को देवोत्थान एकादशी है जिससे विवाह शुरू हो रहे हैं। दो महीनों में विवाह के लिए 15 शुभ मुहूर्त हैं। इस दिन सूझे, अनसूझे सभी तरह के विवाह संपन्न होते हैं। जिन अविवाहितों के लिए विवाह का मुहूर्त नहीं तय हो पा रहा है। उनके लिए दांपत्य सूत्र में बंधने के लिए देवोत्थान सबसे अच्छा अवसर है। 14 नवंबर को अनुमानित सौ से ज्यादा जोड़े एक दूजे के हो जाएंगे।
दो साल बाद घाटा होगा पूरा
दो साल से कोरोना के चलते शादी विवाह में सीमित संख्या में लोग शामिल हो रहे थे। इस कारण काफी लोगों ने विवाह शादियों को आगे बढ़ दिया। अब गेस्ट हाउस व मैरिज होम संचालकों को व्यापार के रफ्तार पकड़ने के साथ घाटे से उबरने की उम्मीद है। चाहे बैंड बाजे वाले हों या फिर गेस्ट हाउस, लॉज स्वामी। सभी की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। जिसके कारण बहुत लोगों को जैसे तैसे कार्यक्रमों को करने की जुगत में जुटे हुए हैं।
रघुपति राघव राजा राम पर मचेगी धूम:
सहालगों को देखते हुए इस बार बैंड वालों ने नई धुने तैयार की हैं। जो शादी विवाह में बरातियों को थिरकने पर मजबूर करेंगी। बीते चार महीनों में रिलीज हुई फिल्मों के तेज संगीत वाले कुछ प्रमुख गानों की धुन तैयार की गई हैं। जिनका रिहर्सल भी हो चुका है।
इस माह विवाह के लिए मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य गोविंद बल्लभ ने बताया कि इस बार बीस फरवरी तक तीस शुभ मुहूर्त हैं। अधिक दिन शादियां होने के कारण वर कन्या की कुंडली से मिलान कर विवाह किए जा सकते हैं। नवंबर में 14 को देवोत्थान एकादशी है। पांच फरवरी को बसंत पंचमी है। चार मार्च को फुलैरा दौज है। शुभ विवाह के मुहूर्त 16, 20,21, 28 व तीस नवंबर है। एक दो सात, आठ, नौ, 11,12, 13 दिसंबर तक शादियों के शुभ मुहूर्त हैं।
सहालग में फिर रुलाएगा जाम:
यह तो सभी जानते हैं कि शहर में जाम की समस्या कितनी विकराल है, लेकिन खास मौकों पर स्थिति और भयंकर हो जाती है। शहर में जगह जगह सहालग में जाम दिखाई देता है। जाम से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने आवश्यक कदम नहीं उठाए तो लोगों को काफी परेशानी होगी। आगरा अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग व मथुरा बरेली राजमार्ग के अलावा बाजार में जाम लगता है।
भीड़ से गुलजार रहे प्रमुख बाजार
सहालग की शुरुआत और बाजार में भीड़ न हो, ऐसा कैसे हो सकता है। पिछले कई दिनों से शहर के प्रमुख बाजारों में खरीदारी को भीड़ उमड़ रही है। अक्सर कपड़ा, इलेक्ट्रोनिक्स, सराफा की दुकानों पर भीड़ दिखाई दे रही है। मंगलवार को पंजाबी मार्केट, बैनीगंज, रामलीला ग्राउण्ड, कमलाबाजार, घण्टाघर, सराफा बाजार आदि जगह खरीदारी के चलते भारी भीड़ रही।