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हाथरस : अफगानिस्तान में हालात बिगड़ने से उछले हींग के दाम

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हाथरस : शहर की एक फैक्टरी में तैयार होती हींग। संवाद - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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अफगानिस्तान में लगातार बढ़ रही हिंसा से जिले के हींग उद्यमी काफी चिंतित हैं। पिछले करीब एक माह से यहां कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित है। हींग की मांग बढ़ने के साथ इसके दामों में भी 25 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई है। कच्चा माल न मिलने के कारण हींग कारोबारी खासे परेशान हैं। उद्यमियों का कहना है कि यदि हालात जल्द न सुधरे तो कारोबार पर और ज्यादा असर पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि हाथरस हींग उत्पादन का बड़ा केंद्र हैं। हाथरस की हींग को प्रदेश सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना में भी शामिल किया है। हींग उत्पादन के लिए अफगानिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और कजाकिस्तान से कच्चे माल की आपूर्ति होती है। वहां से रेजनी (दूध) आता है। यह दूध वहां पाए जाने वाले हींग के पौधे से निकलता है। इससे हाथरस में हींग तैयार की जाती है। यहां हींग की करीब चार दर्जन फैक्टरियां हैं। अफगानिस्तान भारत का मित्र देश था, इसलिए अब तक यहां कच्चा माल आसानी से आ रहा था। जब से अफगानिस्तान के हालत बिगड़े हैं, तब से यहां के हींग कारोबारी खासे चिंतित हैं। अब करीब 15 दिन में 25 से 35 प्रतिशत तक हींग की मांग बढ़ने के साथ इसके रेट में भी बढ़ोतरी हो गई है। संवाद
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अफगानिस्तान में बिगड़े हालत से हींग कारोबार काफी प्रभावित है। कच्चे माल की आपूर्ति रुक गई है। हींग की मांग बढ़ने के साथ रेट में भी 25 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई है। इन-दिनों कच्चा माल न मिलने के कारण काफी दिक्क्तें आ रही हैं।
-राजेश अग्रवाल, हींग कारोबारी
अफगानिस्तान के हालत बिगड़ने से हींग के दाम में तेजी आ गई है। लोग पुराने रेट पर हींग मांग रहे हैं। इस समय काम कम हो गया है। अभी कच्चे माल की आपूर्ति में अड़चनें आ रही हैं। अफगानिस्तान को लेकर हमारी सरकार नीति पर भी कॉफी हद तक यह निर्भर करेगा कि माल की आपूर्ति कैसे होगी।
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- नितिन वार्ष्णेय, हींग कारोबारी
अफगानिस्तान के बिगड़े हालातों से यहां का हींग उद्योग भी प्रभावित है। कच्चा माल आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहा है। यदि हालत और बिगड़े तो हींग उद्योग पर काफी असर पड़ेगा। हालातों को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि कच्चे माल की आपूर्ति कब होगी, यह भी तय नहीं है।
-अभय अग्रवाल हींग कारोबारी
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