न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
अहेरिया समाज द्वारा बृहस्पतिवार को किए गए प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को खुफिया तंत्र और स्थानीय प्रशासन बेहद सतर्क नजर आया। खुफिया तंत्र की नजर अहेरिया समाज के लोगों पर रही और वह यह टोह लेता रहा कि कहीं गुपचुप तरीके से किसी आंदोलन की कोई रणनीति तो नहीं बन रही। वहीं डीएम ने समाज के लोगों की बैठक बुलाई। सूत्रों की मानें तो डीएम ने उच्चाधिकारियों के निर्देश पर समाज के लोगों के साथ यह बैठक की।
उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार को अहेरिया समाज के लोगों ने अपनी जाति को सूचीबद्ध किए जाने की मांग को लेकर दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक को आठ घंटे तक जाम किए रखा था। इससे रेलवे का यातायात सिस्टम चरमरा गया था। अहेरिया समाज के इस प्रदर्शन की भनक खुफिया तंत्र को नहीं लगी थी और इसे खुफिया तंत्र की विफलता माना जा रहा था।
ऐसे में शुक्रवार को अहेरिया समाज के प्रमुख लोगों पर खुफिया विभाग के लोगों की नजर रही। विभाग की नजर उन गांवों में लगी रही, जहां यह जाति काफी संख्या में रहती है। विभाग इसकी टोह लेता रहा कि कहीं फिर किसी आंदोलन या प्रदर्शन की रणनीति तो नहीं बनाई जा रही। शासन के निर्देश पर ही अहेरिया समाज के प्रमुख लोगों की डीएम ने कलेक्ट्रेट में बुलाकर बैठक ली और उनकी समस्या पूछी। वहां समाज के लोगों ने अपनी जाति को सूचीबद्ध किए जाने की मांग उठाई। संवाद