संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
जिले में डीएपी की किल्लत बरकरार है। डीएपी पाने के लिए किसान सहकारी समितियों के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। सुबह से समितियों के सामने किसानों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है। हालांकि प्रशासन की ओर से डीएपी की मांग शासन को लगातार भेजी जा रही है। अफसरों द्वारा भी लगातार डीएपी वितरण की निगरानी की जा रही है, फिर भी डीएपी किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है।
जिले में पिछले दो सप्ताह से यकायक डीएपी की मांग बढ़ने के साथ ही इसका संकट गहरा गया है। किसान डीएपी के लिए समितियों से लेकर उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं। यहां तक कि निर्धारित से अधिक रेट पर डीएपी लेने को मजबूर हो रहे हैं।
जिला प्रशासन की ओर से डीएपी के वितरण के लिए कृषि विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है, जिससे सभी किसानों को निर्धारित मात्रा में डीएपी उपलब्ध हो सके। शासन स्तर से भी मांग के अनुसार डीएपी जिले को नहीं मिल पा रही है। इस कारण किसान डीएपी के लिए भटकने को मजबूर हो रहा रहे हैं। कृषि विभाग की ओर से लगतार डीएपी की मांग शासन को भेजी जा रही है।