न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कृषि विभाग की ओर से डीएपी बिक्री में अनियमितता बरतने वाले उर्वरक विक्रेताओं को चिन्हित किया जा रहा है। इसके लिए डीएपी वितरण का सत्यापन किया जा रहा है।
किसानों को पर्याप्त डीएपी नहीं मिल रही है। फसल की बुवाई में देरी हो रही है। डीएपी की उपलब्धता के लिए अधिकारी भागदौड़ भी कर रहे हैं।
उर्वरक विक्रेताओं के यहां छापामार कार्रवाई कर रहे हैं। ऐसे उर्वरक विक्रेताओं को चिन्हित किया जा रहा है, जिन्होंने डीएपी की बिक्री में अनियमितता बरती। इसके लिए सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन में ई पॉस मशीन से एक आधार व खतौनी पर निर्धारित मात्रा से अधिक की डीएपी की बिक्री करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
विभाग की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ई पॉस मशीनों से वितरण का पूरा ब्योरा खंगाला जा रहा है।ऐसे उर्वरक विक्रेताओं का डाटा तैयार किया जा रहा है, जिन्होंने डीएपी वितरण में मनमानी की है। इन विक्रेताओं को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किए जाएंगे। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि डीएपी की कालाबाजारी रोकने के लिए डाटा का सत्यापन किया जा रहा है। संवाद