न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर के हलवाई खाना निवासी एक वृद्धा के अपहरण के तीनों आरोपी नाबालिग निकले हैं। न्यायालय ने उन्हें अब बाल सुधार गृह भेजा है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार की शाम को घंटाघर हलवाई खाना हाथरस निवासी शैलेश दीक्षित ने पुलिस को सूचना दी कि उसकी 65 वर्षीय मां सुनीता दीक्षित घर से भागवत कथा सुनने के लिए अपना वाली धर्मशाला में गई थीं। वहां से वापस नहीं लौटीं। रात सात बजे करीब उनका अपहरण कर लिए जाने की जानकारी शैलेश को मिली। अपहरणकर्ताओं ने 80 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। एसपी ने आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम गठित कीं। कोतवाली पुलिस के साथ-साथ एसओजी व सर्विलांस टीम को भी लगाया।
एसओजी टीम तथा थाना कोतवाली सदर पुलिस ने तीन अपहरणकर्ताओं की गाड़ी की चंदपा क्षेत्र में घेराबंदी कर देर रात दबोच लिया। पकड़े गए अभियुक्तों के पास से तमंचा-कारतूस व घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन व ईको गाड़ी बरामद की गई। एसओजी व कोतवाली सदर पुलिस को एडीजी आगरा ने 25 हजार व एसपी ने 15 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया था7 तीनों आरोपी युवा हैं और 10वीं-12वीं तक की पढ़ाई की है। जल्द पैसा कमाने के लिए एक आरोपी ने क्राइम पेट्रोल धारावाहिक देखकर वृद्धा के अपहरण की योजना बनाई थी। संवाद
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तीनों आरोपियों के परिजनों ने कोर्ट में नाबालिग होने का प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट के आदेश पर तीनों नाबालिग आरोपितों को अलीगढ़ जिला कारागार से मथुरा बाल सुधार गृह शिफ्ट करा दिया गया है।
-अरविंद कुमार राठी, कोतवाली सदर प्रभारी