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हाथरस : डिपो में 77 बसें, उसमें भी दो दर्जन से ज्यादा खराब

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हाथरस : रोडवेज कार्यशाला में खड़ीं बसें। संवाद - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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हाथरस डिपो की स्थिति बेहद दयनीय है। इसकी वजह से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। डिपो के बेड़े में उपलब्ध 77 रोडवेज बसों में दो दर्जन से अधिक बसें खराब हैं। जो दौड़ रही हैं वे भी अक्सर बीच रास्तों में धोखा दे जाती हैं इससे यात्रियों को काफी मुश्किलें झेलनी पड़ती है। यात्रियों को मुख्य मार्गों पर काफी देर तक बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। उसके बावजूद डिपो के अधिकारी अंजान बने हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में वर्तमान में 77 बसें हैं। जिसमें करीब 29 बसें वर्कशॉप में बैटरी, सेल्ब, टायर, बल्ब आदि सामान के अभाव में खड़ी हुई है। 13 दिसंबर तक चलने वाली सहालगों के चलते यात्री अच्छी खासी संख्या में निकल रहे हैं लेकिन, बसों की कमी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। शहर के आगरा अलीगढ़ मार्ग, रोडवेज बस स्टैंड, तालाब चौराहा, मथुरा बेरली मार्ग आदि स्थानों पर यात्रियों को बसों की कमी के चलते दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। जो बसें चल रही है वह भी आए दिन बीच रास्ते में धोखा दे देती हैं।
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- काफी देर से बसों का इंतजार कर रहे हैं। जो बसें अन्य डिपो की आ रही है। वह पूरी तरह भरकर आ रही हैं। बसस्टैंड पर बसों की कमी है। इस कारण आगरा जाने में काफी दिक्कतें हो रही है। - अंकित शर्मा
- भले ही बस स्टैंड नया बन गया, लेकिन बसें सीधे रोड से निकल जाती है। बस स्टैंड के अंदर बसें नहीं आती है। यदि बसस्टैंड में बसें आए रुके तो काफी राहत मिलेगी। बस न मिलने से मुश्किलें हो रही है। - अंकुर शर्मा
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- वैसे तो मैं स्कूल अधिकतर बाइक से जाता हूं। जब मुझे कॉलेज आना हो तो बसों के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। बसों की कमी पर डिपो के अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए। ताकि आमजन को राहत मिल सके। - रमाकांत पचौरी।
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