संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
डीएम द्वारा नामित किए गए जिला स्तरीय अधिकारियों ने शुक्रवार को प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों का निरीक्षण किया। इसमें 31 शिक्षक-शिक्षिकाएं गैरहाजिर मिले। इनका वेतन रोक दिया गया। साथ ही यह भी पाया गया कि बच्चों को मानक के अनुसार भोजन नहीं मिल रहा था।
डीएम रमेश रंजन ने जनपद के 32 जिलास्तरीय अधिकारियों को दो-दो न्याय पंचायत आवंटित कर ,न्याय पंचायत में स्थित प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 5-5 विद्यालयों के निरीक्षण के लिए नामित किया था। जिलास्तरीय अधिकारियों को 5-5 विद्यालयों में अध्यापक-अध्यापिकाओं की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन का वितरण, कायाकल्प के कार्यों का निरीक्षण, विद्यालयों में जलभराव की स्थिति एवं शौचालय की साफ-सफाई का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। इन अधिकारियों ने 187 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। जिसमें कुल 31 अध्यापक- अध्यापिकाएं गैरहाजिर मिली। इनका एक दिन का वेतन अगले आदेश तक रोके जाने के निर्देश बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिए गए।
वहीं नगर क्षेत्र हाथरस के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय, गढ़ी तमना का निरीक्षण किया गया। विद्यालय में 10 अध्यापक एवं 2 शिक्षामित्र एवं 3 अनुदेशक तैनात हैं। सहायक अध्यापक यशवाला सीएल पर बताई गई। नेहा शर्मा, कुमुद, शिक्षामित्र अवकाश पर बताई गई लेकिन, ऑनलाइन अवकाश प्रार्थना पत्र स्वीकृत नहीं था। विद्यालय में कुल 156 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जिसके सापेक्ष कुल 15 शिक्षक तैनात किए गए हैं।
शासनादेश के अनुसार तैनाती क्यों नहीं की गई है, बेसिक शिक्षा अधिकारी से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस विद्यालय में एमडीएम का वितरण एनजीओ द्वारा किया जा रहा है। उपस्थित शिक्षिकाओं द्वारा अवगत कराया गया कि मेन्यू के अनुसार एनजीओ द्वारा एमडीएम का वितरण नहीं कराया जा रहा है। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी से एनजीओ का स्पष्टीकरण प्राप्त करने और एनजीओ के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।