हाथरस। जिले में ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से जाति, आय और मूल निवास सहित अन्य प्रमाणपत्रों के लिए आवेदन करने वाले आवेदक अपने प्रमाण पत्रों को पाने के लिए कार्यालयों व जन सेवा केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। जिले में लंबे समय से प्रमाणपत्र जारी नहीं किए जा रहे। वर्तमान में इस पोर्टल पर करीब 13 हजार आवेदन लंबित चल रहे हैं। इनमें से ज्यादातर आवेदन अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के हैं, जो कि स्कूल-कॉलेजों में प्रवेश के उद्देश्य से बनवाए गए हैं। इन लंबित आवेदनों पर अब जिलाधिकारी (डीएम) ने सख्त रुख अपना लिया है। उन्होंने सभी तहसीलों के एसडीएम और तहसीलदारों को लंबित आवेदनों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश जारी किए हैं।
शासन ने आम लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने के झंझट से मुक्ति दिलाने के लिए ज्यादातर सरकारी कार्यों को ऑनलाइन कर दिया है। इस क्रम में राजस्व विभाग की ज्यादातर सेवाओं का भी ऑनलाइन ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से संचालन किया जा रहा है। इनमें से जाति, आय और मूल निवास प्रमाणपत्र सहित कुछ सेवाएं महत्वपूर्ण सेवाओं में आती हैं। इन सेवाओं से आमजन का ज्यादा सरोकार रहता है।
इन प्रमाणपत्रों के आवेदन के साथ इनको जारी करने के लिए शासन स्तर से समय सीमा भी निर्धारित है, जिससे आवेदकों निर्धारित समयावधि में प्रमाणपत्र मिल सकें, लेकिन यहां कई दिनों से प्रमाणपत्रों को जारी नहीं किया जा रहा है। आवेदकों के प्रमाणपत्र एसडीएम व तहसीलदार स्तर पर लंबित चल रहे हैं। कुछ आवेदनों को तो एक माह का समय बीतने को है, लेकिन अफसर इनके निस्तारण की सुधि नहीं ले रहे। जिले में वर्तमान में करीब 13 हजार आवेदन लंबित हैं। संवाद